





Thar पोस्ट। (जितेंद्र व्यास)। बीकानेर के ऐतिहासिक पब्लिक पार्क में आधा दर्जन से अधिक ”मौत’ के वृक्ष खड़े है। शायद ये अपने शिकार का इंतज़ार कर रहे है। सर्वाधिक पेड़ फ़ास्ट फ़ूड चौपाटी पर है। यहां फ़ास्ट फ़ूड के बचे हुए अवशेष डालने से ये पेड़ सूख चुके है। सामान्य अंधड़ या हवा के झोंकें से ये नीचे गिर सकते है। फ़ास्ट फ़ूड के शौकीन लोगों का यहां जमावड़ा भी रहता है। पेड़ के नीचे गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। जानकारी में रहे कि हाल ही में एक अधिवक्ता पिता पुत्र की कार पर इसी इलाके पर एक सूखा पेड़ आ गिरा। पेड़ गिरने से एक अस्थायी दुकान खोखा भी क्षतिग्रत हुआ। फ़ास्ट फ़ूड जॉन मैं एक साथ लाइन में ऐसे अनेक पेड़ है जो एकदम सूख चुके है। इसके अलावा भी पार्क में कई स्थानों पर ऐसे पेड़ है। बीकानेर में जब भी अंधड़ या तूफान आता है तो पार्क में बीच सड़क पर पेड़ अवश्य गिरता है। गांधी पार्क के पास भी कमजोर पेड़ गिर चुके है। न केवल पब्लिक पार्क बल्कि बीकानेर में अन्य स्थानों पर इन सूखे पेड़ो को चिन्हित कर इन्हें समय रहते हटवाए जाने की आवश्यकता है। हालांकि वन विभाग व बिजली विभाग तारों को बचाने या सौन्दर्यंन को लेकर पार्क के पेड़ों की छंगाई भी करता है लेकिन इन सूख चुके पेड़ो की तरफ वन विभाग की नज़र नही पड़ती। इसके अलावा





पब्लिक पार्क व राजीव गांधी मार्ग पर बने अस्थायी स्ट्रीट फ़ास्ट फ़ूड में तैयार हो रहे फ़ूड में मिलावट को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं करता। मिलावट की मार चरम पर है। हवा में आसमान से झांकते सूखे पेड़ है तो नीचे आमजन को बीमार करता दूषित खाना।