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IMG 20260205 193405 खेजड़ी बचाओ आंदोलन : अनशन -महापड़ाव जारी Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन जोर पकड़ रहा है। आज सरकार के मंत्रियों से बातचीत भी हुई, लेकिन आंदोलन नही थमा। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री के के विश्नोई ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से बातचीत की थी और अनशन समाप्त कराया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने जोधपुर और बीकानेर संभाग में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की घोषणा की। इससे लोग भड़क गये और आंदोलनकारी फिर अनशन पर बैठ गए। आंदोलन की अगुवाई कर रहे परसराम विश्नोई ने बताया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। जब तक पूरे राजस्थान में खेजड़ी कटाई पर बैन नहीं लग जाता अनशन जारी रहेगा। जो आदेश आया था वह अधूरा है, ऐसे में आमरण अनशन जारी रहेगा।

इस दौरान संतों का कहना था कि भक्तों की भावना थी कि पूरे राजस्थान में रोक लगनी चा​हिए। जो ऑर्डर आया वो अधूरा ही था। उन्होंने बताया कि आमरण अनशन चल रहा है। इससे पहले कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अनशन स्थल पर पहुंचे। मंच पर संबोधन के दौरान मंत्री के हाथ से माइक ले लिया। मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि आप अनशन तोड़ दीजिए,हम लिखकर दे देंगे। मंच पर मौजूद संतों ने बिना लिखित आश्वासन के अनशन से उठने से इनकार कर दिया। जब के के विश्नोई मंच पर अपनी बात रख रहे थे, तभी संत सरजूदास बीच में खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि इधर- उधर की बात न करें। सीधा बताएं लिखित में देंगे या नहीं। यदि लिखित में नहीं देंगे तो हम अनशन पर बैठे हैं।विश्नोई ने कहा कि सरकार लिखित में देने को तैयार है। आप अनशन तोड़ दीजिए।
फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई ने अनशन तोडऩे की अपील की। इस दौरान उनका विरोध शुरू हो गया। आंदोलनकारियों ने हंगामा करते हुए कहा कि आश्वासन लिखित में दिया जाए। इस पर पब्बाराम विश्नोई ने कहा कि यदि किसी की जान को नुकसान हुआ, तो आपका, हमारा और सभी का मुंह खराब होगा। इस बयान से लोग और भड़क गए। वे नाराज हो गए और पब्बाराम को बैठ जाने के लिए कह दिया।

यह अनशन 2 फरवरी से बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में शुरू हुआ था, लेकिन उसी रात सभी प्रदर्शनकारी बिश्नोई धर्मशाला शिफ्ट हो गए थे। आंदोलन के दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार देर रात चार अनशनकारियों को अस्थायी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि गुरुवार दोपहर पर्यावरण जीव रक्षा समिति के अध्यक्ष मुखराम धरणीया की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर कि या गया।
आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं और राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी पर्यावरण प्रेमी बीकानेर पहुंचे। अनशन स्थल पर ही दो आंदोलनकारी बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई। कुल मिलाकर अब तक 21 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ चुकी थी।


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