Thar पोस्ट न्यूज। देर रात राजधानी जयपुर में राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई, वहीं कई मरीज घायल भी हुए हैं। हादसे में मरने वाले 8 मरीजों के शव मोर्चरी में भिजवा दिए गए हैं। इनमें पिंटू निवासी सीकर, दिलीप निवासी आंधी जयपुर, श्रीनाथ निवासी भरतपुर, रुकमणि निवासी भरतपुर, खुरमा निवासी भरतपुर, बहादुर निवासी सांगानेर जयपुर आदि शामिल हैं। हादसे के समय आईसीयू में 11 मरीज थे। उसके पास वाले आईसीयू में 13 मरीज थे। ज्यों, ज्यों आग भर्ती मरीज झुलस गए। धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। कुछ अन्य रोगियों की भी स्थिति गंभीर है।मृतक श्रीनाथ की बॉडी भरतपुर रवाना कर दी गई है।

परिजनों ने बताया कि आग लगने के बाद एसएमएस का स्टाफ मौके से भाग गया। परिजन अपने स्तर पर ही मरीजों को बाहर निकाल ने की कोशिश करते रहे। पूरे मामले में सरकार ने जांच कमेटी का गठन किया है। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद चिकित्सा मंत्री अब तक मौके पर नहीं पहुंचे।

आईसीयू और सेमी आईसीयू में भर्ती कुल 18 मरीजों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है। इन मरीजों में से 11 मरीज उस ICU में थे भर्ती, जहां भीषण आग लगी है, जबकि 13 मरीज नजदीक के सेमी ICU में इलाज ले रहे थे। करीब आधा दर्जन मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम में हाईलेवल जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।