ताजा खबरे
बेसिक पी.जी. कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सम्पन्नबीकानेर के जोड़बीड, कोटडी गांव में भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी डलवायारौनक रिनॉल्ट में न्यू डस्टर की भव्य लॉन्चिंगबीकानेर के इस स्पा सेन्टर पर पुलिस ने 4 को दबोचाविधायक व्यास ने किया भक्ति संगीत कार्यक्रम के बैनर का विमोचनमंत्री नन्दी ने बीकाजी के संस्थापक फन्ना बाबू के निधन पर अर्पित की श्रद्धांजलिगर्मी :आंगनबाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा का बदला समयपीबीएम के मरीजों के लिए बांठिया ने भेंट किए पांच पंखें, मारवाड़ जन सेवा समिति की ओर से करवाए जाएंगे उपलब्धपीबीएम: डॉ. सोनी बने टी.बी. एवं चेस्ट विभागाध्यक्ष, प्राचार्य ने जारी किए आदेशगैस सिलेंडर के दाम में 993 रु तक की भारी बढ़ोतरी
IMG 20250912 WA0012 बीकानेर : आकस्मिक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले पांच इंटर्न Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। मुख्यमंत्री युवा संबल योजनाः लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद एक इंटर्न की फर्जी उपस्थिति अपलोडवसूली के साथ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित। मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले इंटंर्स के कार्यस्थल का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान पांच इंटर्न अनुपस्थित मिले। एक इंटर्न लम्बे समय से अनुपस्थित रहने के बावजूद फर्जी तरीके से उपस्थित अपलोड करना पाया गया। इसके मद्देनजर संबंधित का बेरोजगारी भत्ता बंद करते हुए वसूली अथवा अन्य नियम संगत कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित की गई।

उपक्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक हरगोबिंद मित्तल ने बताया कि योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले प्रार्थियों को सरकारी विभागों में प्रतिदिन चार घंटे की इंटर्नशिप करनी होती है। शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ ब्लाॅक स्थित राजकीय विद्यालयों में इसका औचक भौतिक निरीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सात में से पांच इंटर्न अनुपस्थित मिले। इनमें भरत राम पुत्र केशरा राम के कईं माह से अनुपस्थित होने के बावजूद फर्जी उपस्थिति बनाकर अपलोड किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान भरत राम का बेरोजगार भत्ता अविलम्ब बंद कर दिया गया। पूर्व में भत्ते के रूप में भुगतान की गई राशि की वसूली अथवा कानूनी कार्यवाही नियमानुसार प्रस्तावित की जाएगी।

मित्तल ने बताया कि संबंधित कार्यालय अध्यक्षों द्वारा इंटंर्स की प्रतिदिन चार घण्टे की उपस्थिति, दैनिक डायरी तथा उपस्थिति पंजिका का संधारण एवं अन्य दस्तावेजों की जांच करने के बाद ही उपस्थिति प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। रोजगार विभाग द्वारा नियमित रूप से इंटंर्स की उपस्थित एवं अन्य दस्तावेजों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सत्यापन में पाई गई अनियमितताओं में यदि किसी भी राजकीय कार्मिक की संलिप्तता हुई, तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रकरण, सम्बन्धित उच्चाधिकारियों तथा योजना के नोडल अधिकारी जिला कलक्टर के ध्यान में लाया जाएगा।

मित्तल ने बताया कि इससे पहले चार घंटे की इंटर्नशिप किए बिना फर्जी उपस्थिति प्रमाण पत्रों से बेरोजगारी भत्ते लेने वाले प्रार्थियों से गत वर्षों में आठ लाख रुपए वसूली की गई है।


Share This News