Thar पोस्ट न्यूज। भक्तों की सेवा करने की चाह हर साल लंदन से बीकानेर खींच लाती है प्रदीप सूद को। रामदेवरा पैदल यात्रा कर चुके सूद ने यह संकल्प लिया था कि मेले में पदयात्रियों की सेवा करेंगे। लंदन में बस चुके बिजनेसमैन प्रदीप सूद बीकानेर लौटकर रामदेवरा पैदल यात्रियों की थकान मिटाने में लग जाते हैं। उनके लिए यह कोई धार्मिक रिवाज़ भर नहीं, बल्कि आत्मिक संतोष का रास्ता है। बात उन दिनों की है जब 1977 में सूद खुद पैदल रामदेवरा गए थे, तब संसाधन भी नही होते थे। उनके मन ने यह संकल्प किया कि आने वाले हर साल यात्रियों की सेवा करनी है। तब से आज तक यह व्रत लगातार निभा रहे हैं। वे हर साल बाबा मित्र मंडल, रानी बाजार के नाम से नोखड़ा गांव बीकानेर से 90 किमी दूर में सेवा शिविर लगता है। यहां यात्रियों के लिए 24 घंटे चाय, समोसा, कचौरी, जलेबी जैसे नाश्ते और रोज़ाना करीब 2.5 क्विंटल रोटियों का इंतज़ाम किया जाता है। सूद मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन परोसकर ही नहीं रुकते बल्कि वे थके यात्रियों के पैर दबाते हैं, उनके फफोले साफ करते हैं और अपनत्व से उनका दर्द बांटते हैं।

यही भाव उनकी सेवा को विशेष बना देता है। 1980 में लंदन जाकर ग्रोसरी शॉप खड़ी करने वाले प्रदीप सूद की आत्मा आज भी बीकानेर और रामदेवरा मेले से जुड़ी हुई है। शिविर में अकेले सूद ही नहीं, बल्कि बीकाजी ग्रुप के संचालक शिवरतन अग्रवाल और माइनिंग व्यवसायी जयचंदलाल डागा व मधु बाबू जैसे दानवीर भी सक्रिय सहयोग देते हैं। यह सामूहिक प्रयास हजारों यात्रियों को सुकून पहुंचाता है । विदेश व महानगरों में रहकर भी जब कोई अपनी मिट्टी और परंपरा से इतना गहरा जुड़ा रहे, तो समाज के लिए वह प्रेरणा बन जाता है।