Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। संसोलाव आगोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा आगोर संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत विशिष्ट लोगों द्वारा वृक्षारोपण करवाया जा रहा है। आज इस अभियान में बीकानेर के जाए जन्मे एवं हाल में आणन्द गुजरात में वरिष्ठ अस्थिरोग शल्य चिकित्सक डॉ रामेश्वर लाल छंगाणी (M.s.orthopaedic) ने अपनी धर्मपत्नी डॉ शीतल छंगाणी (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ)के साथ आगोर परिसर में वट वृक्ष का पौधा लगाया।
इस अवसर पर डॉ रामेश्वर छंगाणी ने कहा कि अपनी कर्मभूमि गुजरात से आकर मातृभूमि बीकानेर में वृक्षारोपण जैसे कार्य में शामिल होना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि संसोलाव तालाब बीकानेर का ऐतिहासिक एवं सबसे उपयोगी तालाब रहा है यहां अनेक धार्मिक एवं सामाजिक मेले लगते रहे हैं। तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए इसकी आगोर का संरक्षण अत्यन्त अनिवार्य है। इस अवसर पर डॉ शीतल छंगाणी ने भी संसोलाव तालाब से जुड़ी गतिविधियों स्मरण करते हुए कहा कि इस तालाब का बीकानेर के परकोटे के भीतर की जनता से गहरा जुड़ाव रहा है। यहां स्थित काशी विश्वनाथ महादेव का अति प्राचीन एवं भव्य मंदिर वास्तु एवं स्थापत्य कला का नायाब नमूना है सावन एवं भादो मास में वहां अनेक गतिविधियां आयोजित होती रही हैं।
संसोलाव आगोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के संयोजक मदन मोहन छंगाणी ने बताया कि समिति आगोर संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान चला रही है वर्षा जल संरक्षण हेतु आगोर संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है।
वरिष्ठ शिक्षाविद् पंडित नंदलाल छंगाणी ने अपनी धर्मपत्नी रामरखी देवी के साथ पूर्ण वैदिक रीति नीति एवं मंत्रोच्चारण के साथ वृक्ष पूजन करवाया। इस अवसर पर डॉ रामेश्वर लाल छंगाणी एवं डॉ शीतल छंगाणी की पुत्री नेहल छंगाणी, वेदिका,मुस्कान छंगाणी,कवयित्री राजेश्वरी, श्रीमती छोटी देवी आदि की श्रृद्धा पूर्ण भागीदारी रही।गोपाल छंगाणी एवं शिव शंकर छंगाणी ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया।