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IMG 20250527 111143 2 स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन, 7500 स्कूलों की होगी मरम्मत Rajasthan News Portal बीकानेर अपडेट, राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान की सभी स्कूलों के लिए गाइड लाइन जारी की गई है। झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सख्त गाइड लाइन जारी की गई है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में राज्य के समस्त विद्यालय भवनों की सुरक्षा, मरम्मत और गुणवत्ता पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने भी गाइड लाइन जारी की है। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल भवनों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जो भवन जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें लाल रंग से चिन्हित कर बंद कर दिया जाए। ऐसे भवनों को प्राथमिकता से जमींदोज किया जाएगा और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कंटेनर में कक्षाएं चलाई जाएंगी। राज्य के 7500 स्कूलों में मरम्मत कार्य के लिए आपदा राहत कोष से ₹150 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत किए जाएंगे। साथ ही, स्कूल भवन निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए समग्र शिक्षा अभियान में एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन होगा और सभी निर्माण कार्यों की जांच PWD की लैब्स से कराई जाएगी. दिलावर ने घटिया निर्माण को रोकने के लिए सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो ठेकेदार और अभियंताओं से वसूली की जाएगी। वहीं, निजी स्कूलों का भी सर्वे किया जाएगा, जिसमें वाहनों की फिटनेस, ड्राइवर की जांच, और अन्य सुरक्षा मानकों की निगरानी की जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सभी विधायकों और सांसदों से उनके विकास कोष की 20% राशि देने की अपील की गई है, जिससे विद्यालयों के पुनर्निर्माण में सहयोग मिल सके। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए मंत्री ने जिला कलेक्टरों को अवकाश घोषित करने के अधिकार भी दे दिए हैं।

नए नियम
1प्रदेश के सभी विद्यालय भवनों का सर्वे जिला कलेक्टर के माध्यम से कराया जाए।
2जर्जर भवनों को चिन्हित कर लाल रंग से क्रॉस किया जाए और उन्हें तत्काल बंद किया जाए।
3जर्जर भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जमींदोज किया जाए एवं वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कंटेनर कक्षाएं चलाई जाएं।
4सभी जर्जर व मरम्मत योग्य भवनों की GIS आधारित ऐप तैयार की जाए और उसे शाला दर्पण से जोड़ा जाए।
5AI तकनीक से भवन सुरक्षा की निगरानी और बजट नियोजन किया जाए।
6आपदा राहत कोष से 7500 स्कूलों की मरम्मत के लिए ₹150 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत किया जाए।
7घटिया निर्माण पाए जाने पर ठेकेदार और अभियंताओं से वसूली की जाए।
8निजी स्कूलों का सर्वे कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, वाहन फिटनेस व ड्राइवर की जांच की जाए।
9स्कूल विकास एवं प्रबंधन समितियों को अग्निशमन व प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए।

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