Thar पोस्ट न्यूज। आज एक मामला चर्चा में है। बीकानेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के निर्देश पर सदर पुलिस ने गंगाथियेटर के मुख्य द्वार पर जबरन ताला जड़ चाबी रखी ली। ऐतिहासिक गंगाथियेटर की देखरेख में लगे कार्मिकों को थाने ले आई और ध्रूमपान निषेध अधिनियम के तहत मामला भी दर्ज किया। इस बारे में जानकारी मिली है कि बीकानेर विकास प्राधिकरण के तहसीलदार भागीरथ ,सीओ सदर विशाल जांगिड़, सदर थाना के द्वितीय अधिकारी राजीव रॉयल के साथ गंगाथियेटर पहुंचे और अंदर घुस कर रखे सामान की पड़ताल करने लगे। इस दौरान इन्होंने यहां रखे तम्बाकू उत्पादों को जब्त करने की कार्रवाई भी की। इस कार्रवाई के तहत दो जनों को पकड़कर पुलिस थाने ले गई। जहां दोनों को जमानत पर छोड़ दिया।
सदर थाना पुलिस की ओर से जबरन गंगाथियेटर के ताला बंद कर चांबी घंटों अपने पास रखने पर अब सवाल उठने लगे है। स्थानीय प्रबंधक महेन्द्र रगा ने बताया कि जब पुलिस ने तम्बाकू सामान जब्त कर मुकदमा दर्ज कर लिया तो फिर मुख्य द्वार की चांबी अपने पास क्यों रखी। उन्हें बीडीए और सदर थाने के चक्कर कटवाएं गये। पुलिसकर्मियों ने यह चांबी एसआई राजीव रॉयल के पास होना बताया तो कभी तहसीलदार के पास चांबी होने की बात कही। बुधवार को हुए इस घटनाक्रम की चर्चा कोर्ट परिसर में दिनभर रही और लोग बतियाते नजर आएं कि पुलिसकर्मियों की इस प्रकार की हरकत किसी सामान्य नागरिक को मानसिक प्रताडऩा देने जैसा प्रतीत हो रहा है।
गंगाथियेटर की वर्तमान स्थिति
1960 में गंगाथियेटर को जयपुर के गोलछा ग्रुप ने लीज पर ले रखा है। जिसके बाद से गंगाथियेटर का नियमित किराया गोलछा ग्रुप की यूनिट चन्द्रा एंड कंपनी द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग में जमा करवाया जाता है। इसके उपरान्त भी स्थानीय प्रशासन की ओर से कई बार गंगाथियेटर पर मालिकाना हक जताते के प्रयास किये जा चुके है। जिसके चलते वाद न्यायालय में विचाराधीन भी है। उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन हठधर्मिता दिखाते हुए गंगाथियेटर के परिसर में जबरन निर्माण कार्य करवाना चाह रहा है।
बीडीए के अधिकारियों द्वारा गंगाथियेटर परिसर की दीवार को तोड़कर जबरदस्ती यहां सड़क निर्माण करवा रहे है। जिसकी गोलछा ग्रुप की यूनिट चन्द्रा एंड कंपनी की ओर से आपति दर्ज करवाई गई और कानून सम्मत कार्रवाई कर बीडीए को दस्तावेज भी उपलब्ध करवा दिए।