ताजा खबरे
अनुपस्थित मिले कार्मिकों के विरुद्ध होगी कार्रवाई, जिला मुख्यालय पर विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षणमीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स का सदस्यता अभियान 1 मई सेपाकिस्तान से जुड़े थे तार! **70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामदगी मामले में दो गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक की प्रेस वार्ताकोटगेट पर कांग्रेस का प्रदर्शनव्यापार मंडल के अध्यक्ष राठी ने शोभासर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु जिला कलेक्टर से की वार्तातरबूज मिलावटी या जहरीला जानलेवा तो नहीं? ऐसे करें पहचान, चिकित्सक ने 4 जनोँ की मौत की वजह बताईसांखला व कोटगेट रेलवे फाटक पर जाम के दौरान लगेगा छाया टेंट, श्याम पंचारिया की मांग पर जिला कलेक्टर ने दिए निर्देशगंगा तट पर होगा चार दिवसीय यज्ञोपवित संस्कार, बीकानेर से सैकड़ों बच्चे धारण करेंगे जनेऊकार्यालयों में ताले लटके मिले, श्री कोलायत बीकानेर में राज्य स्तरीय आकस्मिक निरीक्षण : बड़ी संख्या में कार्मिक अनुपस्थितनिःशुल्क यज्ञोपवीत संस्कार में 89 बटुकों का हुआ उपनयन
IMG 20250321 WA0028 scaled राजस्थानी उजास-उच्छब 2025, राज्यपाल ने किया बैनर विमोचन Rajasthan News Portal साहित्य
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज जोधपुर। राज्यपाल ने किया राजस्थानी विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह के बैनर का विमोचन।।राजस्थान के राज्यपाल एवं जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राजस्थानी विभाग के 50 वें स्थापना वर्ष पर 30 – 31 मार्च को आयोजित होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह के बैनर का शुक्रवार को विमोचन कर सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।

राजस्थानी विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय राजस्थानी संगोष्ठी के संयोजक डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस अवसर पर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डाॅ.) अजीत कुमार कर्नाटक, कला संकाय अधिष्ठाता प्रोफेसर (डाॅ.) मंगलाराम बिश्नोई, सहायक आचार्य डाॅ.धनंजया अमरावत सहायक मौजूद रहे। समारोह संयोजक डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित ने कुलपति की मौजूदगी में माननीय राज्यपाल को राजस्थानी विभाग एवं महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोधकेन्द्र मेहरानगढ द्वारा आयोजित होने वाले दो दिवसीय राजस्थानी उजास-उछब की पूरी जानकारी दी।

इस अवसर पर माननीय राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति को अनूपम बताया। कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार कर्नाटक ने राजस्थानी विभाग द्वारा किये जा रहे साहित्यिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थानी मीठास और अपणायत से परिपूर्ण बहुत प्राचीन भाषा एवं समृद्ध भाषा है। कला संकाय अधिष्ठाता प्रोफेसर मंगलाराम बिश्नोई ने समकालीन राजस्थानी साहित्य की संक्षिप्त जानकारी दी।


Share This News