Thar पोस्ट न्यूज। बहुत कम कलाकार होते है जो किसी पात्र को गहराई से अनुभूत कर उसे अपने अभिनय से जीवंत कर देते हैं। ऐसे ही एक कलाकार बेबी बुआ उर्फ मधुसूदन बंटी हर्ष के निधन से हर कोई स्तब्ध है। बीकानेर परकोटे की ‘परंपराओं व रितों- रिश्तेनातों में रची बसी व एक्सपर्ट विचार रखने वाली महिला’ का किरदार जिस अंदाज से बंटी ने you tube व अन्य प्लेटफार्म पर निभाया वह बेमिसाल था। परकोटे में यह संवाद तो घर घर चर्चा में रहा- ‘क्या करूँ भायली ब्योव बाद मोवड़ खोल लाग्योडी हूँ रोग री कुचो होगी, या फिर परेशान हो चुकी महिला द्वारा यह कहना ‘जीभड़ी चुप हो जा’ या फिर एक महिला द्वारा दूसरी महिला को देसी अंदाज में बतियाना। बंटी द्वारा निभाए गए बेबी बुआ के अलावा भी अन्य किरदार यादगार रहे। बीकानेर में शायद ही कोई हास्य कलाकार ऐसा हुआ होगा जिसने सामाजिक परिवेश के पात्रों में इतनी संजीदगी से रंग भरे।