ताजा खबरे
शारदीय नवरात्रा कल से, शुभ मुहूर्त व अन्यमारुती उद्योग को लगातार पांचवी बार मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मानशारदीय नवरात्रा में लगातार 82वें साल में गोकुल सर्कल पर होगा अखंड हरि कीर्तनप्रदर्शन : दिल्ली में क़िलाबन्दी ? सभी बॉर्डर सील‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कारहनुमानगढ़ में पंचायत एवं जिला परिषद चुनावों को लेकर भाजपा ने तेज की तैयारियांमहाजन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने की कार्यवाही
Share This News

Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान के भरतपुर जिले के जगन्नाथ पहाड़िया मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के एक मामले में कॉलेज प्रशासन ने 10 सीनियर छात्र-छात्राओं को सात दिन के लिए कक्षाओं से निष्कासित कर दिया गया है। रैग्गिंग यह घटना 21 अक्तूबर की है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष की 13 छात्राओं को कॉमन रूम में रोककर उनसे सवाल किए गए और गाना गाने के लिए मजबूर किया गया। जैसे ही यह मामला कॉलेज के प्रिंसिपल के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी को सक्रिय कर दिया।

प्रिंसिपल ने सभी पीड़ित छात्राओं को अपने कार्यालय में बुलाकर घटना की जानकारी ली। हालांकि, पीड़ित छात्राओं ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया, लेकिन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाया। 26 अक्तूबर को कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग करने वाले छात्रों के अभिभावकों को बुलाया और सभी छात्रों के बयान दर्ज किए। जांच के बाद, कॉलेज प्रशासन ने सात छात्राओं और तीन छात्रों को दोषी मानते हुए उन्हें 4 से 11 नवंबर तक की कक्षाओं से निष्कासित कर दिया है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल तरुण लाल ने बताया कि रैगिंग में शामिल पाए गए सभी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उन्हें अगले सात दिनों तक कक्षाओं में भाग लेने से रोका गया है।


Share This News