Thar पोस्ट न्यूज। देश मे आज महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव के साथ राजस्थान में भी उपचुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 13 नवंबर को होंगे। उपचुनाव के ऐलान से पहले राजस्थान शिक्षा विभाग में ट्रांसफर के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने कुछ ही घंटे में तबादले के आदेश को वापस ले लिया।
शिक्षा विभाग ने 50 से अधिक प्रिंसिपल और लेक्चरर के तबादलों के आदेश मंगलवार को वापस ले लिए। विभाग ने यह कदम कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद उठाया। अधिकारियों ने कहा कि तबादलों के आदेश सरकार के निर्देशानुसार वापस लिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने तबादलों के लिए मंगलवार को तीन आदेश जारी किए, जिनमें 40 प्रिंसिपल और 8 लेक्चरर के नाम शामिल थे।
राजस्थान विधानसभा उपचुनाव-2024
मतदान 13 नवम्बर को होगा, मतगणना 23 नवम्बर को, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से वार्ता की
बात रराजस्थान विधानसभा में 7 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव की। यहां मतदान 13 नवम्बर को होगा. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों पर मतगणना महाराष्ट्र और झारखण्ड विधानसभाओं के लिए मतगणना के साथ ही 23 नवम्बर को होगी. राज्य में झुंझुनूं, रामगढ़ (अलवर), दौसा, देवली-उनियारा (टोंक), खीन्वसर (नागौर), सलूम्बर (उदयपुर) और चौरासी (डूंगरपुर) विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होना है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने इस विषय में मंगलवार को राज्य के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ शासन सचिवालय में बैठक की. बैठक में राजनैतिक दलों को विधानसभा उपचुनाव-2024 के कार्यक्रम तथा आदर्श चुनाव आचार संहिता की जानकारी दी गई. निर्वाचन विभाग ने सभी दलों से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान तथा आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करवाने में सहयोग करने का आग्रह किया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित राजस्व जिलों में आचार संहिता लागू हो गयी है. आचार संहिता दौसा और डूंगरपुर के सम्पूर्ण जिलों में तथा अलवर, झुंझुनू, टोंक, नागौर और सलूम्बर के नवीन पुनर्गठित राजस्व जिलों में लागू रहेगी. उप चुनाव के लिए अधिसूचना 18 अक्टूबर को जारी होगी और उसके साथ ही उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी, जो 25 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को की जाएगी एवं 30 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे.
श्री महाजन ने कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमानुसार चुनाव में भाग लेने वाले सभी प्रत्याशियों एवं राजनैतिक दलों को अपनी बेबसाइट, टीवी चैनल्स, राष्ट्रीय एवं स्थानीय समाचार पत्रों में प्रत्याशी की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में कम से कम तीन बार प्रकाशित प्रसारित करवाना होगा.उन्होंने कहा कि पोलिंग एजेंट को यह निर्देश दिया जाए कि वे मतदान के दिन सुबह मतदान शुरू होने से 90 मिनट पूर्व ईवीएम मशीन पर मॉक पोल के लिए आवश्यक रूप से मौजूद रहें.
7 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 19.36 लाख मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधानसभा उपचुनाव के दौरान 19,36,533 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. इसके लिए 7 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,862 मतदान केंद्र और 53 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे.
श्री महाजन ने बताया कि सभी संबंधित जिलों में मीडिया प्रकोष्ठ और मीडिया में जारी होने वाले राजनैतिक विज्ञापनों के अधिप्रमाणन के लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है. उन्होंने अधिकाधिक मतदान के लिए मतदाताओं को जागरूक करने, नए मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और ईवीएम की जानकारी देने तथा उपचुनाव के दौरान लोगों की अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया कार्मिकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के निस्तारण हेतु सी-विजिल एप के बारे में जानकारी दी. उन्होंने मतदाता जागरूकता के लिए चलाए जा रहे अभियानों, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की सुविधा सहित अन्य स्वीप गतिविधियों, मतदाता सूचियों के अपडेशन, चुनावी खर्च की मॉनिटरिंग पर विस्तार से जानकारी दी. साथ ही, उन्होंने मतदाता जागरूकता तथा आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में मीडिया की प्रभावी भूमिका पर चर्चा की. उन्होंने मीडियाकर्मियों से इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होकर निष्पक्ष, भयमुक्त और धनबल के प्रभाव से रहित चुनाव संपन्न कराने में सहयोग का आह्वान किया।
