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FB IMG 1728718295215 परंपरा : ''हर्षो रो बड़ों त्यौहार भैंसों मार करे कसार', पुष्करणा ब्राह्मण हर्ष समुदाय में अनूठी परंपरा Rajasthan News Portal देश
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Thar पोस्ट न्यूज राजस्थान। जोधपुर, जैसलमेर और बीकानेर में जब सभी जगह दशहरे के त्यौहार पर कार्यक्रम होते है तब जोधपुर बीकानेर और जैसलमेर आदि जिलों के पुष्करणा ब्राह्मण में हर्ष समुदाय के लोग एक विशेष त्यौहार मनाते हैं। इस मौके पर पुष्करणा ब्राह्मणों में सभी कहते हैं “आज हर्षो रो बड़ों त्यौहार भैंसों मार करे कसार”। आज के दिन माताजी की पूजा करने के साथ-साथ हर्ष समुदाय के लोग मातर जो कि घी, आटे और गुड़ की बनी होती है। उसे बनाकर उसको एक भैंसे का रूप देते हुए माता जी को भोग चढ़ाते हैैं इसके साथ ही चावल और नारियल का भी भोग चढ़ाते हैं। बुजुर्ग बताते है कि पुष्करणा समाज के अधिकांश लोग पाकिस्तान के सिंध, मुल्तान, करांची, डेरा इस्माइल खां से होते हुए राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, फलौदी, पोकरण जैसलमेर पहुंचे। तब की परंपराएं आज भी अपनाएं हुए है।


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