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IMG 20240927 WA0171 बीकानेर मुद्रा महोत्सव का आगाज़, तीन दिन चलेगा Rajasthan News Portal राजस्थान
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Thar पोस्ट न्यूज बीकानेर। प्राचीन सिक्के, नोट हमारी संस्कृति, सभ्यता का परिचायक- एस जी मेहता
प्राचीन मुद्राओं से उस काल की सभ्यता,संस्कृ ति, आदान- प्रदान की वाणिज्य व्यवस्था का ज्ञान होता है, जिस समय में वह प्रचलन में होते थे। मुद्रा चमड़े की भी चली, तांबा, पीतल, सोने और चांदी की भी ज्ञात होती है। इसके साथ धीरे-धीरे नोट भी प्रचलन में आए, यह सब संग्रहणीय वस्तु है, जिसे बीकानेर मुद्रा परिषद् की प्रदर्शनी में देखकर मन को अच्छा लगा। यह विचार राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के प्रभागाध्यक्ष डॉ. एस.सी.मेहता ने शुक्रवार को बीकानेर मुद्रा परिषद् द्वारा आयोजित की गई तीन दिवसीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर उद्घाटन करने के बाद कही।

इस अवसर पर अतिथि उद्यमी कन्हैयालाल बोथरा, उद्योगपति बसंंत नौलखा, जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष विजय कोचर, महावीर इंटरनेशनल के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र जैन ने भी अपने विचार रखे।

आयोजनकर्ता महेन्द्र बरडिय़ा ने बताया कि असानियों का चौक स्थित सूरज भवन में आठ साल बाद एक बार फिर विशाल सिक्कों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी तीन दिन तक सुबह 9 बजे से देर शाम तक आयोजित होगी। जहां कृषाण कालीन, मुगल, भारतीय, ब्रिटिश काल और आजादी के बाद से अब तक चलन में आए हर तरह के सिक्के, नोट आदि की प्रदर्शनी लगाई गई है।

इसमें कलकता, मुंबई, सहारनपुर, गुजरात सहित राजस्थान के कई जिलों से संग्रहकर्ता भाग ले रहे हैं। महेन्द्र बरडिय़ा ने बताया कि आमजन सिक्कों के मूल्य को नहीं समझता है और उन्हें चंद रुपयों के लालच में गलत हाथों में सौंप देता है, हमारा प्रयास है कि हम अपनी धरोहर को बचाएं।

इसलिए प्रदर्शनी में प्राचीन मुद्राओं को लाने वालों को विशेषज्ञ अच्छा मोल भी देते हैं। साथ ही धरोहर की कद्र करने वाले यहां से संग्रह की खरीद भी कर सकते हैं। बरडिय़ा ने बताया कि प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बधाई संदेश भेजा, वहीं विधायक जेठानन्द व्यास के प्रतिनिधि दुर्गाशंकर व्यास, वंदे मातरम मंच के विजय कोचर, पाली के पूर्व सांसद पुष्प जैन ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सुबह से लेकर शाम तक संग्रहकर्ताओं के सिक्कों, एंटिक आइटमों को देखने वालों का तांता लगा रहा।


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