Thar पोस्ट। समय तेज़ी से बदल गया है। धन माया के लालच में रिश्ते खत्म हो रहे है। राजस्थान के इस मामले पुत्र ने मां को 7 साल पहले कागजों में मृत घोषित कर दिया, जबकि वह जिंदा है। मामला डीडवाना में कुचामन सिटी के ग्राम आसपुरा का है, जहां एक बेटे ने अपनी जीवित मां को मृत बताकर प्रॉपर्टी के लालच में 7 साल पहले मृत घोषित कर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला 59 वर्षीय भंवर कंवर ने कुचामन पुलिस थाने में मामला दर्ज कर बताया कि 14 साल पहले उनके पति मदनसिंह राजपूत की मौत हो गई थी, जिसके बाद आसपुरा में उनकी जमीन महिला और उसके दो बेटों रघुवीर सिंह और बलवीर सिंह के नाम रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज हो गई।

दर्ज मामले में पीड़ित महिला ने बताया कि बड़े पुत्र रघुवीर सिंह व उसकी पत्नी मंजू कंवर ने मिलकर तत्कालीन जिलिया ग्राम पंचायत प्रशासन से मिलीभगत करके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 4 फरवरी 2019 को उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा लिया, जिसमें मौत उसकी मौत 19 अक्टूबर 2017 को होना बताया गया था। पीड़ित महिला कई सालों से अपने छोटे बेटे बलवीर के पास रह रही है। इसलिये उसे बड़े बेटे के कांड की जानकारी नहीं हो पाई। फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन कब्जाने के बाद रघुवीर सिंह ने जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी।

वृद्धा का मृत्यु प्रमाण पत्र तत्कालीन जिलिया पंचायत ने जारी किया था, नियमों के अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने से पहले पंचायत विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए लेकिन तत्कालीन जिलिया ग्राम पंचायत के ग्राम सेवक ने बिना दस्तावेजों की जांच किए ही भंवर कंवर का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। पीड़ित महिला ने अपने बहु और बेटे के खिलाफ कुचामन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर मामले में दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।

इस बारे में कुचामन थानाधिकारी सुरेश कुमार चौधरी का कहना है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण बनाकर जमीन हड़पने के मामले में ग्राम पंचायत से जानकारी जुटाकर जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।