Thar पोस्ट। एक बार फिर राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर भार पड़ने वाला है। राज्य में एक बार फिर फ्यूल सरचार्ज की वसूली की कवायद शुरू की गई है। जानकारी के मुताबिक डिस्कॉम्स ने अभी दो सौ यूनिट से ज्यादा खपत वाले उपभोक्ताओं को मिल रही छूट बंद कर दी है। इनमें पन्द्रह लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें अभी तक रिजस्टर्ड आठ लाख उपभोक्ता को छूट देते रहे। उपभोक्ताओं को हाल ही जारी बिल में फ्यूल सरचार्ज जोड़कर भेजा जा रहा है। इससे 100 से 1200 रुपए तक अतिरिक्त भार आ रहा है। सरचार्ज की 61 पैसे प्रति यूनिट से गणना की गई है। हालांकि छूट बंद करने के बाद राज्य सरकार के करीब 200 करोड़ रुपए बचेंगे।
ज्ञात रहे कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बीते वर्ष अगस्त में ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में फ्यूल सरचार्ज छूट देने का आदेश जारी किया था। इस राशि का प्रावधान मार्च 2024 तक की ही बिलिंग के आधार पर किया गया।
डिस्कॉम्स ने सरकार से लिखित में पूछा था कि इस छूट को आगे बढ़ाना है या नहीं। क्योंकि, इसका भार सरकार को ही उठाना पड़ता। लेकिन उर्जा विभाग ने इसका अधिकारिक रूप से जवाब नहीं दिया, बल्कि छूट बंद करने के अनौपचारिक निर्देश दे दिए गए। पिछले वर्ष सितम्बर के बिल से छूट शुरू की गई। बिल में फ्यूल सरचार्ज अंकित तो किया गया, लेकिन सब्सिडी वाले कॉलम में जोड़कर छूट देते गए। यह है ब्यौरा :
सूबे में 1.58 करोड़ उपभोक्ता (घरेलू, कॉमर्शियल, इण्डस्ट्रीयल श्रेणी) हैं। जबकि
1.14 करोड़ उपभोक्ता दो सौ यूनिट खपत वाले हैं, इसके अलावा कृषि उपभोक्ताओं की संख्या 16 लाख है। इन 1.29 करोड़ उपभोक्ताओं का फ्यूल सरचार्ज सरकार पहले से वहन करती रहेगी। 15 लाख घरेलू (दो सौ यूनिट से ज्यादा खपत वाले) उपभोक्ता हैं।