Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान के भरतपुर जिले के पूर्व राजपरिवार में विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह के वकील यशवंत सिंह फौजदार ने बताया कि पूर्व राजपरिवार के महाराज और पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने एसडीएम कोर्ट में याचिका दायर कर वरिष्ठ नागरिक सदस्य होने के चलते भरण पोषण के लिए पत्नी दिव्या और पुत्र अनिरुद्ध से प्रति माह पांच लाख रुपए की मांग की है।

हाल ही में 20 मई को जिसे लेकर लेकर कोर्ट में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह की पत्नी और पुत्र की ओर से किए गए वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह याचिका इस कोर्ट में चलने लायक नहीं है। इसी को लेकर राज परिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह की ओर से हमारे द्वारा जवाब पेश किया गया है। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस हुई।

सब डिविजनल मजिस्ट्रेट भरतपुर द्वारा इस मामले के फैसलों को पेंडिंग रखा गया है। अगली तारीख 24 मई दी गई थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों के वकील तारीख पर पहुंचे और एसडीएम ने मामले की फाइल को पढ़ने के लिए कुछ दिन का समय और लगेगा, इसके चलते उन्होंने अगली तारीख 28 मई दी गई है। भरतपुर का पूर्व राज परिवार में आपसी मतभेद और संपत्ति को लेकर उलझा हुआ है।

बेदखल करने का आरोप

परिवार के मुख्य भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के महाराज विश्वेन्द्र सिंह ने अपनी पत्नी और बेटे पर आरोप लगाया है कि अपने ही महल से उन्हें बेदखल कर दिया गया है। पहले पत्नी और बेटे ने उन्होंने महल में बंधक बना के रखा, फिर उनका खाना पीना बंद कर दिया। उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह पर भी आरोप है कि उसने अपने पिता विश्वेन्द्र सिंह के साथ मारपीट की और उन्होंने महल से बेदखल कर दिया। 

भरतपुर पूर्व राज राजपरिवार विवाद के मामले पर एसडीएम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई थी। एसडीएम ने तारीख को बढ़ाते हुए अगली तारीख 28 मई दी है। भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने वरिष्ठ नागरिक होने के चलते अपनी पत्नी और बेटे के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में भरण पोषण के लिए प्रति माह पांच लाख रुपए देने की याचिका लगाई थी।