
Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर में पूर्व सांसद महेन्द्रसिंह भाटी, कमलेश कंवर, रविन्द्रसिंह भाटी, नरेन्द्र पांडे की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में उत्साह देखा गया। पूगल रोड के माखनभोग परिसर में हुए इस शिविर मंे सुबह से ही रक्तदाताओं का तांता सा लगा रहा। दोपहर तक 2000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो गए और 1575 रक्तदाताओं ने खून दान किया। इस बारे में एसपी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा.गुंजन सोनी का कहना है, इतनी बड़ी तादाद मंे रक्तदान होने का अनुमान पहले से ही था प्रदेश के विभिन्न जिलों से ब्लड बैंक की टीमें बीकानेर पहुंच गई थी। इनमें बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज, कोटा, जयपुर और नागौर के ब्लड बैंक की टीमें शामिल रही। बीकानेर के ब्लड बैंक में 685 यूनिट रक्त इस शिविर से मिला। इसके अलावा कोटा को 384, जयपुर 355 और नागौर के ब्लड बैंक ने 151 यूनिट रक्त संग्रहीत किया।
श्रीमती कमलेश कंवर व कुँ रविन्द्रसिंह भाटी की 25 वीं पुण्यतिथि व महेन्द्रसिंह भाटी व नरेन्द्र पाण्डें की 21 वीं पुण्यतिथि पर माखण भोग पूगल रोड़ में श्रद्धांजलि सभा एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीकानेर जिले सहित सम्पूर्ण पश्चिमी राजस्थान से जनप्रतिनिधियों ने पहुंच कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये, दो मिनट का मौन रख कर व दिवगंत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किये गये । दावा किया गया है कि रक्तदान शिविर में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर 2150 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान हेतु पंजीयन करवाया जिसमें तय समय में 1851 ने रक्तदान कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किये। ट्रस्ट ने समय अभाव के कारण 299 रक्तदाताओं की सूची भी पीबीएम अस्पताल प्रशासन को दी है जिनसे जरूरत के समय रक्त दान करवाया जा सकता है।
कमलेश कंवर कुं. रविन्द्रसिंह भाटी मैमोरियल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और कोलायत विधायक अंशुमानसिंह भाटी की देखरेख में हुए रक्तदान और श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास समेत जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। इस मौके पर गजनेर के नवलाराम आर्य की ओर से यज्ञ किया गया। यज्ञ में नरेन्द्र आर्य, विजयसिंह, एडवोकेट विनोद आर्य आदि ने आहुतियां दी। श्रृदांजलि सभा की शुरुआत पं. राजेन्द्र किराडू, गायत्री प्रसाद शर्मा व ऋग्वैदिक पाठशाला के छात्रों के स्वस्ति वाचन से हुई। श्रद्धाजलि सभा में संत छैल बिहारी जी ने रक्तदान को एक महान यज्ञ बताते हुए इसमें अधिकाधिक आहुतियां देने की बात कही। छैल बिहारी जी गौ-सेवा के लिए भाटी परिवार की पहल को अनुकरणीय बताया।