Thar पोस्ट, न्यूज। इन दिनों राजस्थान में बीमारी मंप्स के रोगियों में इजाफा हो रहा है। इसका संक्रमण इन दिनों ज्यादा फैल रहा है। मंप्स के चलते प्रदेश के 6 लोगों की सुनने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। मरीज बहरेपन के शिकार हो रहे हैं। मंप्स की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने अब गाइड लाइन जारी की है।

गाइडलाइन जारी : .संक्रामक रोक मंप्स पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। इस गाइड लाइन के मुताबिक मम्पस रोग संक्रमण के लक्षण रोगी के सम्पर्क में आने के बाद 2 से 3 सप्ताह में प्रकट होते हैं और 10 से 14 दिनों तक रोगी को प्रभावित करते हैं। इस रोग के होने पर मरीज के अंडकोष, स्तन, मस्तिष्क, अंडाशय, अग्नाशय, रीढ़ की हड्डी में सूजन हो सकती है। साथ ही, असाधारण स्थितियों में कुछ दुर्लभ केसेज में बहरापन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मरीजों को अन्य व्यक्तियों से दूरी बनाए रखने और घर पर आराम करने की अपील की है।

जनस्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश माथुर का कहना है कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को गाइडलाइन के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये हैं। डॉ. माथुर ने बताया कि मम्पस एक संक्रामक रोग है जो कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकते समय कोई अन्य व्यक्ति संपर्क में आया तो यह रोग आगे फैल जाता है। मम्पस संक्रमण के लक्षणों की समय पर पहचान करने के साथ ही बचाव के लिए डॉक्टर से उपचार और परामर्श लेने की अपील की गई है।

ये है लक्षण : निदेशक जनस्वास्थ्य ने बताया कि मम्पस संक्रमण के मुख्य लक्षणों में गले में लार ग्रंथि में 1 से 3 दिनों तक दर्द, सूजन साथ ही मांसपेशियों में दर्द, सूजन और भूख में कमी होना शामिल हैं। इन लक्षणों के महसूस होते ही मरीज को तुरंत नजदीकी चिकित्सालय में उपचार परामर्श लेना चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति को ऐसे लक्षणों वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।