
Thar पोस्ट, न्यूज बीकानेर। निम्स विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ में पूर्व कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने शिक्षाविदों के साथ की चर्चा। निम्स विश्वविद्यालय जयपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गुणवत्ता समर्थन और वृद्धि पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। जिसमे देश विभिन्न क्षेत्रो से आए शिक्षविदो एवं उच्च शिक्षा के हितधारकों ने सहभागिता निभाई। इस अवसर पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलूओ पर विभिन्न शिक्षाविदों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस अवसर पर प्रोफेसर सिंह का उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान एवं पूर्व कुलपति के रूप में प्रदेश में किए गए उच्च शिक्षा में सराहनीय कार्य, नवाचार हेतु निम्स के वीसी डॉ संदीप मिश्रा ने उनका सम्मान भी किया गया। इस दौरान प्रो सिंह ने राज्यपाल श्री कलराज मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक निमित्त मात्र हुं की प्रति गोधरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रताप सिंह चौहान एवं पूर्व राज्य मंत्री श्री जगदीश राज्य श्रीमाली को भेंट की। उन्होंने कहा कि निमित्त मात्र हूॅ मैं यह पुस्तक श्री मिश्र के बहुआयामी व्यक्तित्व तथा कार्यों की झलक है। कार्यशाला में प्रो. प्रताप सिंह चौहान वीसी, गोधरा यूनिवर्सिटी गुजरात,प्रो. जी के आसेरी प्रो वीसी और आईक्यूएसी प्रमुख, एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर, डॉ. एस श्रीनिवास प्रोफेसर तुमकुर विश्वविद्यालय एवं पूर्व उप सलाहकार मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद, प्रोफेसर संदीप मिश्रा वीसी निम्स यूनिवर्सिटी राजस्थान जयपुर, डॉ. सुनील शर्मा प्रो वीसी निम्स यूनिवर्सिटी राजस्थान जयपुर, डॉ.संदीप त्रिपाठी रजिस्ट्रार निम्स यूनिवर्सिटी राजस्थान भी उपस्थित थे।
प्रो अमेरिका सिंह ने कहा की दुनिया में सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में से एक होने के साथ भारत की उच्च उच्च शिक्षा प्रणाली अभूतपूर्व परिवर्तनों का सामना कर रही है। शिक्षा का परिदृश्य एक रोमांचक दौर से गुजर रहा है। ऐसे में हमें शैक्षिक और सांस्कृतिक साख को निर्धारित करना होंगा। आज देश में अच्छी गुणवत्ता और वैश्विक साख वाले उच्च शैक्षिक संस्थानों की कमी के कारण युवा विद्यार्थी और प्रतिभा पलायन हो रहा हैं पूर्व राज्य मंत्री श्री जगदीश राज श्रीमाली ने कहा कि नई शिक्षा नीति नया भारत बनाने की दिशा में उच्च शिक्षण संस्थानों को उनकी भूमिका फिर से परिभाषित करने की स्वतंत्रता देगी। भारत ने हमेशा से ज्ञान का सही उपयोग किया है। उससे दुनिया को लाभान्वित किया है। राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में उच्च शिक्षा अहम भूमिका निभाती है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का परिणाम घोषित

पुरानी गिन्नानी स्थित गायत्री शक्तिपीठ बीकानेर में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा समिति की बैठक जिला संयोजक मुकेश व्यास की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से प्राप्त प्रावीण्य सूची के अनुसार भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2023 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला सचिव व ट्रस्टी देवेन्द्र सारस्वत में बताया कि शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार के सहयोग से संचालित इस परीक्षा में बीकानेर जिले से 178 सरकारी व गैरसरकारी विद्यालयों की कक्षा 5 से 12 तक के आठ वर्गों के 9,248 छात्र-छात्राओं का पंजीयन किया गया था जिसमें से 8,999 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। ग्रामीण क्षेत्रों में नोखा, दंतौर पूगल खाजूवाला, लूणकरणसर, श्रीडुंगरगढ़ तहसील, बीकानेर तहसील व बीकानेर शहर सहित जिला स्तर पर कुल 179 स्थानों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला सचिव देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि जिला स्तर पर कक्षा 12 में प्रथम स्थान आयुष पब्लिक शिक्षण संस्थान बंगला नगर बीकानेर की आइना झौरड़, कक्षा 11 में श्री बिग्गाजी शिक्षण संस्थान सातलेरा श्रीडुंगरगढ के दीपक नाथ, कक्षा 10 में श्री करणी विद्यालय श्रीडुंगरगढ की शीतल कुमारी, कक्षा 9 में श्री बिग्गाजी शिक्षण संस्थान सातलेरा श्रीडुंगरगढ के सुभाष पूनिया, कक्षा 8 में गीता देवी पब्लिक स्कूल श्रीडुंगरगढ के स्वरूप सिंह, कक्षा 7 में श्री कन्या जैन माध्यमिक विद्यालय बीकानेर की सौम्या सोनी, कक्षा 6 में भारद्वाज विद्या निकेतन लूणकरणसर के गोविंद स्वामी तथा कक्षा 5 में सूर्या पब्लिक स्कूल श्रीडुंगरगढ की गायत्री शर्मा ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार से कक्षा 5 से 12 तक के आठ वर्गों के कुल 144 छात्र-छात्राओं ने जिला व तहसील स्तर की मेरिट लिस्ट में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया है।
गायत्री परिवार ट्रस्ट बीकानेर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पवन कुमार ओझा ने बताया कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिला व तहसील स्तर की मेरिट लिस्ट में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी आठ वर्गों के 144 छात्र-छात्राओं को आगामी 3 मार्च रविवार को गायत्री शक्तिपीठ पुरानी गिन्नानी बीकानेर में होने वाले पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह में प्रमाण पत्र, साहित्य, मोमेंटो तथा नगद राशि सहित पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सर्वाधिक प्रतिभागी विद्यालय के रूप में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय लूणकरणसर सहित चयनित संस्था प्रधानों एवं शिक्षक गणों को पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य उत्कृष्ट सेवा शिक्षक सम्मान से जिला स्तर पर आयोज्य पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह में सम्मानित किये जायेंगे।
बैठक में परीक्षा आयोजन समिति सदस्य जवाहरलाल गंगल, रामकुमार चौहान, अविनाश गोयल, धनंजय सारस्वत, कौशल सिंह, मधुबाला शर्मा, शोभा सारस्वत तथा राजेंद्र दुबे ने विचार व्यक्त किये।