Thar पोस्ट न्यूज। राजस्थान में आने वाले दिनों में बिजली संकट गहरा सकता है। यदि स्थितियों पर काबू नहीं पाया गया तो राज्य में अगले तीन-चार दिन बिजली संकट गहरा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार विद्युत उत्पादन निगम की 1530 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट से उत्पादन ठप हो गया है। इनमें सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट, कोटा की 210 मेगावाट और छबड़ा की 660 मेगावाट क्षमता की यूनिट हैं।अगले तीन-चार दिन बिजली संकट गहरा सकता है। विद्युत उत्पादन निगम की 1530 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट से उत्पादन ठप हो गया है। इनमें सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट, कोटा की 210 मेगावाट और छबड़ा की 660 मेगावाट क्षमता की यूनिट हैं। दो यूनिट की तकनीकी खामी को टीम ठीक करने में जुटी है। इसके अलावा रामगढ़ प्लांट से 270 की बजाय केवल 60 मेगावाट ही बिजली मिल पा रही है। इस तरह 1740 मेगावाट बिजली कम मिल रही है। ऊर्जा विकास निगम के इस अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने में हाथ-पैर फूल रहे हैं। यदि निगम पावर मैनेजमेंट में फेल रहता है तो अगले तीन-चार दिन तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनेगी। हालांकि, ऊर्जा विभाग के अफसर लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। बिजली प्रबंधन नहीं होने से उद्योगों, ग्रामीण एरिया में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है।
धौलपुर कंबाइंड साइकिल पावर प्रोजेक्ट सफेद हाथी साबित हो रहा है। न तो इससे बिजली उत्पादन कर रहे हैं और न ही पूरी तरह बंद। गैस आधारित इस प्लांट की क्षमता 330 मेगावाट है। मौजूदा स्थितियों में संचालन करें तो 300 मेगावाट बिजली मिलने की स्थिति बनेगी।