Thar पोस्ट। राजस्थान में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। महिलाएं भी अब वारदातों को अंजाम दे रही है। दौसा जिले के बांदीकुई में न्यायालय ने एक महिला को पति की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्या के दोषी तीन अन्य लोगों को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सात साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। 17 सितंबर 2016 को ओमप्रकाश उर्फ भोमा पुत्र गोकुलराम मीना निवासी ध्यावना की ढाणी बसवा ने बसवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरा भाई सुखराम 16 सितंबर की शाम 4 बजे कहीं चला गया था। कुछ देर बाद मेरे भाई का बेटा पेट्रोल लेने गया था तो उसे रास्ते में सुखराम का शव पड़ा हुआ मिला। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो मृतक की पत्नी और कुछ रिश्तेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पत्नी रशाल देवी, अजय उर्फ अजीत, आशीष कुमार, अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद 4 आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 120 बी में अपराध प्रमाणित मानकर न्यायालय में चालान पेश किया। अपर लोक अभियोजक राजेश भड़ाना ने बताया कि, इस मामले में 25 गवाह और 90 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए है। जिसके आधार पर न्यायालय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 2 के मजिस्ट्रेट सुनील कुमार गुप्ता ने मृतक की पत्नी रशाल देवी समेत सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।