Thar पोस्ट। बीकानेर में एक साथ पांच जनों की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। कर्ज से परेशान एक ही परिवार के 5 लोगों ने सुसाइड दो दिन पहले ही कर लिया। मृतकों में पति-पत्नी और 3 बच्चे शामिल हैं। मकान मालिक किराया लेने पहुंचा तो घटना का पता चला। पत्नी और 3 बच्चों का शव फंदे पर अलग-अलग हुक से लटका मिला, जबकि परिवार के मुखिया का शव आंगन में पड़ा था। मामला बीकानेर के मुक्ता प्रसाद नगर थाना क्षेत्र अंत्योदय नगर का है। सूचना मिलने पर आईजी ओम प्रकाश, एसपी तेजस्विनी गौतम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा सहित थाना अधिकारी व पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा।सुसाइड नोट में पत्नी ने लिखा है- ससुराल और पीहर वाले परेशान करते थे। ऐसे में सुसाइड के अलावा कोई रास्ता नहीं था। आईजी ओम प्रकाश ने बताया- मुक्ता प्रसाद नगर थाना क्षेत्र के अन्त्योदय नगर में हनुमान सोनी (45) अपनी पत्नी विमला (40), दो बेटे मोहित (18) , ऋषि (16) और एक बेटी गुड़िया (14) के साथ पिछले दस साल से अनिल रंगा के मकान में किराए से रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हनुमान सोनी जेवरात में नगीना गढ़ने (जेवरात जड़ाऊ) का काम करते थे। वह आर्थिक तंगी के चलते परेशान थे। एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि मौके से महिला विमल सोनी का लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपने पीहर और ससुराल दोनों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि पीहर वाले और ससुराल वाले दोनों पैसे मांगते थे। ससुराल वालों ने घर में भी कोई हिस्सा नहीं दिया। ऐसे में पूरे परिवार के पास सुसाइड करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। बताया जा रहा है कि परिवार ने ससुराल और पीहर से उधार ले रखे थे। वही पैसा वो लोग वापस मांगते थे।हनुमान सोनी ने अपने परिवार के साथ दो दिन पहले ही सुसाइड कर लिया था। गुरुवार को मकान मालिक अनिल रंगा ने किराया के लिए कॉल किया। फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद वे किराया लेने घर पहुंचे। किसी ने गेट नहीं खोला। बरामदे में 2 दिन पुराना अखबार पड़ा था । किसी ने बताया कि दो दिन से दूध वाला भी बिना दूध दिए जा रहा है। इस पर अनिल अंदर की तरफ गए तो बदबू आने लगी। इस पर उन्होंने हनुमान सोनी के भाई शिवशंकर को कॉल किया जो बीकानेर में ही रहते हैं और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब मकान का गेट तोड़ा तो पांचों के शव अंदर पड़े थे। बाद में शिवशंकर भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि दोनों भाइयों में पिछले दस साल से बातचीत नहीं थी। घटना की जानकारी के बाद आईजी ओम प्रकाश और एसपी तेजस्विनी गौतम समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पूरे घर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। पहले सभी को फंदे पर लटकाने के बाद हनुमान ने जहर खाया हो। पांचों शव पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए हैं।हनुमान सोनी ने जहर खाया था। उनका शव आंगन में पड़ा हुआ था।