Thar पोस्ट। बीकानेर में दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने जनसंपर्क तेज़ कर दिया है। अपने स्तर पर प्रचार भी जारी है। कहीं शिकवे-शिकायतें भी है। घात और भीतरघात भी है। लेकिन कहते है कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता। राजनीति भी उसे ही कहते है जिसमें स्वयं का हित साधा जाता है साम दाम दंड भेद को अपनाया जाता है। रही बात पब्लिक की तो। कविवर सुरेंद्र शर्मा के शब्दों में -”कोई फर्क नही पड़ता कि राजा राम या रावण ‘जनता तो बेचारी सीता है। राजा राम हुआ तो अग्नि परीक्षा के बाद वनवास भेज दी जाएगी। रावण राजा हुआ तो वनवास से हरण कर लिया जाएगा। कोई फर्क नहीं पड़ता कि’ राजा पांडव है या कौरव। जनता तो द्रौपदी है। राजा पांडव हुए तो जुए में हार जाएगी। कौरव हुए तो चीर हरण के काम आएगी। इस देश मे सत्ता बदलती रहती है व्यवस्थाएं कभी नही बदलती। मरती भी जनता है और लूटती भी जनता है। लेकिन लेकिन..लेकिन फिर भी व्यवस्था है। और इसके लिए किसी को तो चुनना ही होता है। बहरहाल, बीकानेर में जिला प्रशासन ने व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी है। इस बीच यह जानकारी मिली है कि नवंबर के पहले सप्ताह में सभी प्रत्याशी नामांकन भर देंगे। जो संभावित डेट है उसके अनुसार ये है तारीखें-

खाजूवाला से काँग्रेस उम्मीदवार गोविन्द मेघवाल का नामांकन 3 नवम्बर को भरा जाना संभावित है। भाजपा से बीकानेर-पूर्व से सिद्धि कुमारी और बीकानेर-पश्चिम से जेठानन्द व्यास का नामांकन 3 नवम्बर को भरा जा सकता है। कांग्रेस के डॉ. बुलाकी दास कल्ला बीकानेर-पश्चिम से कर सकते हैं 2 नवम्बर को नामांकन फ़ाइल। कोलायत से काँग्रेस उम्मीदवार भँवर सिंह भाटी नामांकन करेंगे 3 या 4 नवम्बर को। भाजपा से श्री डूंगरगढ़ उम्मीदवार ताराचन्द सारस्वत 2 नवम्बर को भरेंगे पर्चा। भाजपा के उम्मीदवार नोखा से बिहारी लाल बिश्नोई और लूणकरणसर से सुमित गोदारा का नामांकन 3 नवम्बर को भरा जाना संभावित है।