Thar पोस्ट न्यूज। बीकानेर सहित अन्य जिलों में बागियों के तल्ख तेवरों ने प्रमुख दलों के आकाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पार्टियां अपनी सूची जारी करने से पहले गहन चिंतन, मनन कर रही है क्योंकि बीजेपी हो या कांग्रेस जिस दल ने भी सूची जारी की है उसी दल का कार्यकर्ता अपने समर्थकों के साथ ताल ठोक रहा है। इस जद्दोजहद के चलते बीकानेर की आधी सीटों पर मुकाबला रोचक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। बीकानेर में ऐसा पहली बार हो रहा है जब बागियों के चलते कई सीटें चर्चा में आ गई है। कहीं त्रिकोणीय संघर्ष भी है। पूरब : बीजेपी की सुरक्षित कही जाने वाली सीट पर भी मुकाबला रोचक होने के आसार बन गए है। यहां से टिकट नही मिलने से खफा महावीर रांका मोर्चे पर है। कांग्रेस ने टिकट फाइनल नहीं किया है। बीजेपी ने तीन बार चुनाव जीत चुकी सिद्धि कुमारी को मैदान में उतारा है। जो कार्यकर्ताओं के साथ सघन जनसंपर्क कर रही है। बीजेपी यहां डैमेज कंट्रोल नहीं करती है तो मुकाबला और रोचक होगा। जानकारी में रहे कि यहां से गत चुनाव में जीत-हार का अंतर बहुत कम रहा था। पश्चिम: बीकानेर की यह सीट हमेशा से चर्चा में रही है। इस बार यहाँ डॉ बी डी कल्ला के सामने बीजेपी के जेठानंद व्यास है। लेकिन कांग्रेस से टिकट नही मिलने से नाराज राजकुमार किराडू ने भी मोर्चा खोल दिया है। किराडू ने प्रेस व कार्यकर्ताओं के समक्ष अपना स्टैंड भी रख दिया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पश्चिम में भी चुनाव रोचक होने जा रहे है। पूरब की भांति पिछले चुनाव में भी यहां हार व जीत का अंतर कम रहा। डॉ कल्ला व व्यास यहाँ विकास के नाम पर मतदाताओं के बीच है। यहां देर रात तक चर्चाओं का बाज़ार गर्म रहता है। श्रीकोलायत: यह बीकानेर की सबसे हॉट सीट मानी जाती रही है। लेकिन इस बार यहां भी पेंच उलझता दिख रहा है। यहां अभी केवल कांग्रेस ने ही अपना प्रत्याशी भंवर सिंह भाटी को घोषित किया है। बीजेपी से देवीसिंह भाटी या परिवार के किसी सदस्य को टिकट मिल सकता है। लेकिन यहां से रेवंत राम पंवार आरएलपी से टक्कर देने की तैयारी में है। इसके चलते यहां जबरदस्त वोटों का ध्रुवीकरण होगा। मुकाबला रोचक होने के आसार बन गए हैं। नोखा : यहां भी चुनावी ट्रायंगल बनता दिख रहा है। कांग्रेस से सुशीला डूडी के सामने बीजेपी से बिहारी लाल विश्नोई है तो यहां विकास मंच से कन्हैया लाल झंवर मैदान में है। झंवर ने पिछला चुनाव कांग्रेस से बीकानेर पूरब से लड़कर अपनी तगड़ी क्षमता का परिचय देकर बीजेपी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया। हालांकि वे कम मतों से हार गए। परिणाम जो भी हो लेकिन कुल मिलाकर बीकानेर की इन सीटों पर मुकाबला रोचक होने के आसार बन गए है। – जितेंद्र व्यास