Thar पोस्ट, न्यूज। राजस्थान में संविदा कर्मियों को नियमित करने को लेकर ताज़ा अपडेट के अनुसार आचार संहिता लगने से एक भी कार्मिक को इसका लाभ नहीं मिला है। यह प्रक्रिया ही बंद कर दी गई है। जयपुर से अपने जिला मुख्यालयों तक बार-बार चक्कर लगाने और दिन-रात सूचियां बनाने से लेकर दस्तावेजों का मिलान करने तक की प्रक्रिया में गुजारने के बावजूद राजस्थान के एक भी संविदाकर्मी को नियमित नहीं किया जा सका। आचार संहिता लगने के साथ ही पूरी प्रक्रिया बंद हो गई। अब नई सरकार इस मुद्दे पर नये सिरे से निर्णय लेगी। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में 33 कैडर के संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए सरकार ने नियमों में संशोधन किया। आचार संहिता लगने से दो दिन पहले यानी शनिवार शाम को आदेश देकर कुछ जिलों के सीएमएचओ को जयपुर बुलाया। सभी दस्तावेज लेकर पहुंचे सीएमएचओ से पूरे दिन सूचिंया बनवाई। फाइलें तैयार करवाई। इनमें एक ही कैडर के अधिकांश कार्मिकों को नियुक्ति की प्रक्रिया चली। बाकी कैडर वालों को पता चला तो रविवार देर शाम जयपुर में स्वास्थ्य भवन के आगे धरना लगा दिया। धरना लगने के बाद आक्रोश बढ़ता देख रविवार देर रात उन सीएमएचओ को वापस जयपुर आने का आदेश दिया जो शाम को ही वहां से फाइलें लेकर रवाना हुए थे। इसका अब निर्णय नई सरकार करेगी।