Thar पोस्ट। इस देश मे जनसख्या तेज़ी से घटी है। इसे देखते हुए अब पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। दक्षिण कोरिया की महिलाओं को बच्चों के पालन-पोषण की उच्च लागत के कारण घर पर रहकर परिवार का पालन-पोषण करने या पूरी तरह से बच्चा पैदा न करने के दबाव का सामना करना पड़ता है। इसलिए अब स्थाई रूप से घरेलू सहायकों की तलाश की जा रही है। श्रम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू काम में रुचि रखने वाले युवा कोरियाई लोगों की संख्या घट रही है। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कोरिया दिसंबर की शुरुआत में पायलट कार्यक्रम शुरू करने के लक्ष्य के साथ श्रमिकों के संभावित स्रोतों में से एक के रूप में फिलीपींस के साथ बातचीत कर रहा है। मौजूदा नियमों के तहत, केवल कुछ विदेशियों, जैसे कोरियाई नागरिकों के पति-पत्नी और जातीय कोरियाई, को घरेलू श्रमिकों के रूप में काम करने की अनुमति है।
दो लाख रुपये प्रतिमाह घरेलू सहायकों को दक्षिण कोरियाई सरकार प्रतिमाह करीब 2.15 लाख प्रतिमाह यानि 2600 डॉलर वेतन देगी। नई योजना एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की गिरती जन्म दर को उलटने के लिए सरकार के प्रयासों की श्रृंखला में नवीनतम है। दक्षिण कोरिया में 2022 में फिर से दुनिया की सबसे कम प्रजनन दर दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक महिला के लिए अपेक्षित शिशुओं की औसत संख्या 0.78 थी, और सियोल में तो यह और भी कम 0.59 थी। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के देशों में 2020 में औसत दर 1.59 थी। इस बीच, देश की आबादी के प्रतिशत के रूप में विदेशी निवासियों की आमद ओईसीडी में सबसे कम है।दक्षिण कोरिया में बच्चों की जन्मदर तेजी से गिरने लगी है। इससे कोरियाई सरकार तनाव में आ गई है। सरकार के अनुसार दक्षिण कोरिया कपल बच्चों की देखभाल करने के चक्कर में प्रजनन नहीं कर रहे। इससे जनसंख्या में गिरावट आ रही है। इसके लिए सरकार विदेश से घरेलू सहायक और नर्सें बुलाएगी।