ताजा खबरे
महाराजा अग्रसेन जयंती की पूर्व संध्या पर निकली भव्य शोभायात्रापंचायत राज आम चुनाव : अनुपस्थित 34 कार्मिकों को नोटिस, होगी निलंबन की कार्यवाहीशारदीय नवरात्रा कल से, शुभ मुहूर्त व अन्यमारुती उद्योग को लगातार पांचवी बार मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मानशारदीय नवरात्रा में लगातार 82वें साल में गोकुल सर्कल पर होगा अखंड हरि कीर्तनप्रदर्शन : दिल्ली में क़िलाबन्दी ? सभी बॉर्डर सील‘पंचायत चुनाव जीतने पर कुंवारे युवकों की शादी कराउंगी’ : वोट दो-दुल्हन लो’अमेरिका में आरोपी को मौत की सजा सुनाई, लाइव दिखाने पर छिड़ी बहसडूंगर कॉलेज के शोधार्थी दीपक यादव को पीएच.डीआरोपी की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद धरना खत्म, मृतक का किया अंतिम संस्कार
IMG 20230813 135826 रामदेवरा, बीकानेर व मोहनगढ़ में टिड्डियों का खतरा ! Rajasthan News Portal राजस्थान
Share This News

Thar पोस्ट। बारिश के बाद पश्चिमी राजस्थान में टिड्डियों का खतरा बढ़ गया है। बीकानेर, रामदेवरा व मोहनगढ़ में हमले का खतरा बना हुआ है। रेतीले क्षेत्र में टिड्डियों की हलचल बढ़ गई है. जैसलमेर के मोहनगढ़ में टिड्डियों के बच्चे हॉपर भारी तादाद में देखने को मिल रहे हैं। वहीं बीकानेर व रामदेवरा क्षेत्र में एक एक गांव के खेतों में ग्रासहॉपर ( मेलेनोप्लस बिवीटेटस) मिले हैं। इसको किसान टिड्डी समझ कर परेशान हो रहे हैं. सूचना मिलने पर जोधपुर टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) की एक टीम मौके पर पहुंची.टीम ने सर्वे में इसे ग्रासहॉपर बताया है. एलडब्ल्यूओ ने इस संबंध में शुक्रवार को राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी. ग्रॉसहॉपर नियंत्रण का कार्य एलडब्ल्यूओ का नहीं है. ऐसे में राज्य सरकार को ग्रासहॉफर नियंत्रण के लिए लिखा गया है।

बीकानेर के  गांव में सर्वे के दौरान 25 हेक्टेयर में एकल टिड्डी (सिस्टोसिरा ग्रीगेरिया अथवा रेगिस्तानी टिड्डी) की रिपोर्ट की गई है. लेकिन इसकी प्रवृत्ति झुंड की नहीं है.ऐसे में गिद्ध पक्षी और छिपकली जैसे जीव इनको खाकर नष्ट कर देंगे. विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले समय में मानसून की बारिश कम होने से टिड्डियों के हमले का खतरा नहीं है.इसलिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।


Share This News