Thar पोस्ट, न्यूज। कहते है कुछ लोगों का जन्म ही दूसरों को खुशी या जिंदगी देने के लिए होता है । वहीं कुछ लोग दूसरों को दुखी देखकर प्रसन्नता का अनुभव करते है। लेकिन कविता ने तीन जनोँ को खुशियां देकर खुद को अमर कर लिया है। राजस्थान के सीकर जिले के सवाईपुरा पलसाना रेवासा की देवदूत कविता यादव ने मौत के आगोश में जाते-जाते तीन लोगों को जिंदगियां दे दीं। ऑर्गन डोनेशन के उनके परिवारजन के फैसले से जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में दो लोगों के किडनी लगी और दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में उनके हार्ट का सफल ट्रांसप्लांट हुआ।सीकर की महज़ 47 साल की कविता यादव के ब्रेन डेड हो जाने के बाद साहसिक और मानव हित में निर्णय लेते हुए उनके परिजनों ने अंगदान के लिए सहमति दी। जयपुर के सरकारी सवाई मानसिंह अस्पताल में कविता की दो किडनियों का सफल ट्रांसप्लांट कर दो लोगों की जान बचाई गई। वहीं, आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में हार्ट ट्रांसप्लांट कर एक व्यक्ति को नया जीवन दिया गया। एसएमएस हॉस्पिटल में हुए किडनी ट्रांसप्लांट में डॉ. शिवम् प्रियदर्शी, डॉ. नचिकेत व्यास, डॉक्टर नीरज अग्रवाल और वर्षा कोठरी की टीम का योगदान रहा। रिट्रीवल टीम में डॉक्टर इंदु वर्मा और नीरज अग्रवाल का सहयोग रहा।
बता दें कि कविता यादव खुद एएनएम नर्सिंगकर्मी के तौर पर सीकर में ही कार्यरत थीं। 21 मई 2023 को घर पर ही काम करते समय वो बेहोश होकर गिर पड़ीं। जहां से उन्हें सीकर के एसके अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन हालात नाजुक होने पर पहले उन्हें जयपुर के मनीपाल अस्पताल में लाया गया। यहां से 21 मई 2023 को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
एयरफोर्स के विशेष विमान से गया दिल
आर्मी अस्पताल दिल्ली में हार्ट को पहुंचाने के लिए एयरफोर्स के विशेष विमान का इस्तेमाल किया गया। सवाई मानसिंह अस्पताल से जयपुर एयरपोर्ट तक सोटो राजस्थान टीम ने हार्ट को ग्रीन कॉरिडोर की सहायता से पहुंचाया।