Thar पोस्ट। बीकानेर के तुलसी सर्किल के पास सार्दुल कॉलोनी में बीते दिन एक वृद्धा की फांसी लगाने के कारण संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस को उसका शव मकान के कमरे में पलंग पर पड़ा मिला था और उसकी चुन्नी पंखे पर लटकी हुई थी। सीआई सदर लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने बताया कि सार्दुल कॉलोनी निवासी कैप्टन गुरूविन्दर सिंह की पत्नी श्रीमती राजेन्द्र कौर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिसका शव मकान में कमरे में पलंग पर पड़ा था।
मृतका के पति कैप्टन गुरूविन्दर सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी ने पंखे के हुक से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। जबकि मृतका की बेटी श्रीमति दीपिका सिंह पत्नी पवन कुमार सिंह ने अपनी मां की मौत के लिये पिता कैप्टन गुरूविन्दर सिंह और उनके साथ रहने वाली एक महिला वकील चित्रा ओझा पर संगीन आरोप लगाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिया और जिस कमरे में शव बरामद हुआ उसे लॉक कर दिया है। सीआई ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध हालातों में मौत का है, उन्होंने कहा कि वृद्धा की हत्या हुई है या उसने खुदकुशी की है। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पायेगा। फिलहाल थाना पुलिस ने श्रीमति दीपिका सिंह की रिपोर्ट पर उसके पिता कैप्टन गुरूविन्दर सिंह और चित्रा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी कैप्टन गुरूविन्दर सिंह को निगरानी में ले लिया है।
पुलिस रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार सार्दुल कॉलोनी निवासी कैप्टन गुरूविन्दर सिंह पेशे से वकील हैं, एक जूनियर वकील चित्रा ओझा उनके घर आती जाती रहती हैं। इससे गुरूविन्दर सिंह की पत्नी राजेन्द्र कौर के अलावा उनका बेटा और बेटी भी नाराज थे। इससे घर में आये दिन कलह रहती और मुकदमेबाजी भी चल रही थी। पिछले दिनों शराब के नशे में चित्रा की मौजूदगी में अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने पर सदर थाना पुलिस ने कैप्टन गुरूविन्दर सिंह को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार भी किया था। बताया जाता है कि कैप्टन गुरूविन्दर सिंह के परिजनों ने कुछ दिन पहले सदर थाना पुलिस को एक परिवाद देकर बताया था कि चित्रा का चरित्र अच्छा नहीं है, जो शराब के नशे में अनैतिक हरकतें करती है और हमारा परिवार तबाह करने में जुटी है। जबकि कैप्टन गुरूविन्दर सिंह का कहना था कि चित्रा ओझा मेरी जूनियर वकील है, जो वकालत से जुड़े कामकाज के सिलसिले में मेरे घर आती जाती रहती है। चित्रा भी कहती की मै इसी घर में रहूगी और गुरविन्द्र के साथ अवैध संबंध बनाती रहूंगी तुम मेरा कुछ नही बिगाङ सकते। चित्रा मेरे पिता को भड़काती कि बच्चों और बीबी को घर से निकालो। मेरे पिता व चित्रा मेरी मां व भाई को धमकी देते थे कि अगर हमारी बात नहीं मानी तो भाई के खिलाफ चित्रा से 376 आईपीसी का मुकदमा भी करवा दूंगा। मेरी मां इस कारण मानसिक रूप से परेशान रहती थी। मेरी मां को चित्रा व पिता बार बार खुद मर जाने व आत्म हत्या करने पर विवश करते थे। कहते थे कि खुद मर जा वरना हम तुझे मार देगे। मेरे पिता कहते थे कि हम दोनो वकील है,हमारा कुछ नही बिगड़ेगा। घटना वाले दिन मेरी मां घर पर थी व छुट्टी के दिन भी चित्रा घर पर आई थी। शाम को मेरे पिता का फोन मेरे पास आया और कहा कि काका कहाँ है इनके पूर्व संबंधो को देखते हुए मैंने उनसे कहा कि कहीं आपने मेरी मां को मार तो नही दिया मैं डरती हुई दौङ़कर ममी के घर गई तो मेरी मम्मी बेड पर लेटी थी और मेरे पिता उनके पास खड़े थे मम्मी ने जो सूट पहना था उसी की चुन्नी का एक फंदा बनाया हुआ पंखे से लटकाया हुआ था मेरे पिता देखते ही बोले की तुम लोगों ने हमारी बात नहीं मानी तो आज मैने काम तमाम कर दिया।