Thar पोस्ट, न्यूज। आज शाम स्थानीय धरणीधर मैदान में सामाजिक समरसता मंच द्वारा समरसता समागम कार्यक्रम में अध्यक्षता मोहन लाल सिंगल और मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम रहे। मंच पर इनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक टेकचंद बरड़िया रहे।
आज के कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री सिंघल ने कहा कि सविधान गीता रामायण की तरह सभी के घर मे होनी चाहिये, जिससे आने वाली पीढ़ी उनके पद चिन्हों पर चलना सीखे।
वहीं मुख्यवक्ता के रूप में निम्बाराम जी ने कहा कि वैसे तो देश, समाज और विभिन्न वर्ग अपने अपने तरीके से कार्यक्रम करते है। जिनमे बदलाव गत 8 से 10 वर्षों में विशेष रुप से आया है। फिर भी ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ानी चाहिए। उन्होंने अपने उदबोधन में बाबा साहेब के गुरु कृष्णा जी साथ साथ अम्बेडकर जी जीवनी, उनके द्वारा किये गए कार्यों और जीवन संघर्षों पर विशेष जानकारी दी। बाबा साहेब ने कष्ट सहन कर किस प्रकार शिक्षा प्राप्त की और उन्होंने देश समाज को सूत्र दिया कि सभी को शोध करके बोलना चाहिये। वे एक श्रेष्ठ अर्थशास्त्री थे, समाज वैज्ञानिक और देश के जानेमाने विधिवेत्ता थे, एक पत्रकार, लेखक थे। उन्होंने भगवान बुद्ध को आदर्श माना था वे हिन्दूविरोधी नही थे, वे पाखंड़ के विरोधी थे और कथनी करनी में अंतर का विरोध किया। उन्होंने जहां सावरकर जी के अम्रत वचनों का जिक्र किया था। उन्होंने बुद्ध, कबीर, महात्मा फुले को अपना आदर्श माना।
जब बाबा साहेब 1938 में पहली बार संघ के शिविर में गए तो उनको पता चला कि संघ में कोई नही पूछता की कौन किस जाति का है। जिसको उन्होंने सराहा। कार्यक्रम के अंत मे सभी उपस्थित प्रबुद्धजन का आभार धन्यवाद उमेश व्यास ने दिया। आपदा प्रबंधन मंत्री ने किया डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण
बीकानेर। आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग मंत्री श्री गोविंद राम मेघवाल ने गुरुवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कांकराला में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान दिया। यह संविधान प्रत्येक भारतवासी को एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर के सिद्धांत आज के दौर में बेहद प्रासंगिक हैं। हमें इनका अनुसरण करना चाहिए, जिससे हम भेदभाव और ऊंच-नीच से मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार कर सकें।
आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, महात्मा गांधी डॉ. अंबेडकर और ज्योतिबा फूले जैसे महापुरुषों के दिखाए राह पर आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा अब तक पेश किए गए सभी बजट सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं और कार्यक्रम प्रत्येक व्यक्ति को केंद्र में रखते हुए प्रारंभ किए गए हैं। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इनका लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की पहल पर 24 अप्रैल से महंगाई राहत शिविर प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में इनका प्रभावी क्रियान्वयन हो, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इनका लाभ मिल सके।
आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत साढ़े चार वर्षों में खाजूवाला में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। आज इस सीमांत क्षेत्र में आज नए स्कूल और महाविद्यालय खुले हैं। सड़कों का जाल बिछा है और अस्पतालों की सुविधाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने क्षेत्र के बच्चों को के शिक्षा के भरपूर अवसर उपलब्ध करवाने का आह्वान किया और कहा कि बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दें। एक पढ़ी-लिखी बेटी दो परिवारों को रोशन करती है।
इस अवसर पर मूर्ति भामाशाह शंकर लाल कडेला, कंकराला सरपंच मोडा राम नायक, डंडी सरपंच मोहम्मद अली, कयामुद्दीन पडिहार, ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी राजकुमार, स्कूल प्राचार्य कृष्ण कुमार इनदलिया आदि मौजूद रहे। मंच संचालन रमेश कुमार ने किया। इस अवसर पर स्कूल स्टाफ व संस्था के एसएमसी अध्यक्ष टीकू राम, शौकत खान उपस्थित थे।
