Thar पोस्ट, न्यूज। अखिल राजस्थान लैब टैक्नीशियन कर्मचारी संघ राजस्थान जयपुर व राजस्थान मेडीकल कॉलेज लैबोरेट्ररी टैक्नीशियन कर्मचारी संघ (चिकित्सा -शिक्षा) राजस्थान की प्रदेश स्तरीय महासमिति की मिटिंग 29.01.2023 जयपुर के निर्णय की अनुपालना में 01.02.2023 को दोपहर 2 बजे जिला कलेक्टर बीकानेर के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, जयपुर को लैब टैक्नीशियन संवर्ग की लम्बित मांगों ग्रेड पे 4200, पदनाम परिवर्तन व भत्तों की बढोतरी के सम्बन्ध में जिलाध्यक्ष महावीर प्रसाद सारस्वत ,महामंत्री सुनील वर्मा, सुधीर सेतिया (डीएमएचएस),बजरंग कुमार सोनी प्रदेशाध्यक्ष,अजय किराडू जिलाअध्यक्ष, सुभाष जोशी संरक्षक, मोहन व्यास प्रवक्ता (कॉलेज) के नेतृत्व में संवर्ग द्वारा ज्ञापन दिया जायेगा । 06.02.2023 को जयपुर में ध्यानाकर्षण हेतु धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है ।
’नरपत सिंह सांखला स्मृति पुरस्कार हेतु आवेदन 2 मार्च तक मांगे
हिन्दी और राजस्थानी के ख्यातनाम साहित्यकार कीर्तिशेष नरपतसिंह सांखला की स्मृति में प्रदत किये जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है।
संस्थान के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने बताया कि स्व. नरपतसिंह सांखला की स्मृति में प्रतिवर्ष अर्पित किया जाने वाला पुरस्कार इस वर्ष हिन्दी भाषा की कहानी विधा पर प्रदत किया जाएगा। रंगा ने आगे बताया कि गत वर्ष 2022 में पहली बार प्रथम स्व नरपतसिंह सांखला स्मृति पुरस्कार राजस्थानी की काव्य विधा पर प्रदत किया गया था।
रंगा ने बताया कि इस वर्ष हिन्दी भाषा की कहानी की मौलिक प्रकाशित कृति पर पुरस्कार दिया जाएगा। जिसके लिए प्रकाशित कृति 1 जनवरी, 2018 से लेकर 31 दिसम्बर 2022 तक की अवधि में होनी चाहिए।
पुरस्कार हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च, 2023 है। उक्त अवधि तक जरिए डाक आवेदक को अपनी उपरोक्त अवधि की चार प्रकाशित पुस्तकें कमल रंगा, रंगा कोठी सुकमलायतन डी 96-97 मुरलीधर व्यास नगर, बीकानेर 334004 के पत्ते पर भेजनी होगी।
संस्था के सचिव युवा शायर कासिम बीकानेरी ने बताया कि उक्त स्व. सांखला की स्मृति में देय पुरस्कार मेें 11000/- की नगद राशि, शॉल, श्रीफल, साफा, प्रतीक चिह्न आदि अर्पित किया जाएगा। उक्त पुरस्कृत साहित्यकार का सम्मान बीकानेर में एक भव्य समारोह के तहत आगामी 21 मार्च, 23 को किया जाएगा।
संस्थान के समन्वयक वरिष्ठ शिक्षाविद् संजय सांखला ने बताया कि आवेदित पुस्तकों में से पुरस्कार हेतु चयन नियमानुसार एक प्रक्रिया के द्वारा किया जाएगा। पुरस्कृत कृति के निर्णय बाबत हिन्दी के तीन विद्वानों के एक निर्णायक मंडल का गठन किया जाएगा। सांखला ने बताया कि पुरस्कार बाबत जो भी नियम हैं उनकी पालना हर आवेदक को करनी होगी।