Thar पोस्ट, न्यूज बीकानेर । बीकानेर में लिलिपौंड को टूरिस्ट प्लेस बनाने के लिए किराये पर देकर व्यावसायिक उपयोग करने का मामला
कोर्ट पहुंच गया है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ऐतिहासिक पब्लिक पार्क स्थित लिलिपौंड के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ और निर्माण कर स्वरूप बिगाड़ा जा रहा है। इसे लेकर यूआईटी, प्राइवेट
फर्म और राज्य सरकार के खिलाफ कोर्ट
में वाद भी दायर हो गया है। यूआईटी ने
प्राइवेट फर्म कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी से
एमओयू कर लिली पौंड को टूरिस्ट प्लेस
बनाने के लिए 75,000 रुपए महीना
किराये पर दिया है। फर्म की ओर से
लिली पौंड पर अलग-अलग जगह
कंस्ट्रशन करवाकर इस पर निर्माण
करवाया जा रहा है। लोगों ने इसका विरोध कर आरोप लगाया है कि लिली पौंड ऐतिहासिक पब्लिक पार्क का हिस्सा है। यूआईटी ने इसके व्यावसायिक उपयोग के लिए प्राइवेट फर्म को किराये पर दे दिया जो निर्माण कर मूल स्वरूप से
छेड़छाड़ कर रही है। व्यावसायिक रूप से
काम में लेने के कारण यहां प्रदूषण फैलेगा
और घूमने आने वाले लोगों के स्वास्थ्य
पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। सीनियर सिटीजन
तुलसी सर्किल निवासी कर्नल हेमसिंह
शेखावत, पुरानी गिन्नाणी निवासी
राजेन्द्रसिंह और हनुमान हत्था निवासी
इन्द्र सिंह भाटी इस संबंध में यूआईटी
अधिकारियों से मिले। यूआईटी में उनकी
सुनवाई नहीं होने पर सिविल न्यायालय में
स्टे के लिए वाद पेश कर दिया।कोर्ट में यूआईटी के पैनल वकील
वेणुराज गोपाल पुरोहित ने लिखित जवाब
में संशोधन के लिए प्रार्थना-पत्र पेश किया
जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। प्रतिपक्षी
राज्य सरकार जरिये कलेक्टर की ओर से
लोक अभियोजक कमल नारायण पुरोहित
ने लिखित जवाब पेश किया। उसके बाद
वादियों के वकील प्रेमनारायण हर्ष ने
कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से
प्रस्तुत दस्तावेज की प्रति मांगी जिसे देने
से इंकार कर दिया गया।