Thar पोस्ट, न्यूज नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस व पेट्रो पदार्थों की कीमतें घटाने की कवायद शुरू की है। निकट समय मे ये सस्ते होंगे। सरकार की कोशिश घरेलू गैस के साथ ही पेट्रोल-डीजल की कीमत को काबू में रखने की है। इस मामले में जानकारों की माने तो सरकारी तेल कंपनियों को इंटरनेशनल प्राइस पर क्रूड खरीदना पड़ता है और प्राइस-सेंसिटिव मार्केट में इसकी बिक्री करनी पड़ती है. दूसरी तरफ निजी कंपनियों के पास स्ट्रॉन्गर फ्यूल एक्सपोर्ट मार्केट को टैप करने की सहूलियत है। 28000 करोड़ रुपये मांगे : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऑयल मिनिस्ट्री ने कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए 28000 करोड़ रुपये का कॉम्पन्सैशन मांगा है. लेकिन, वित्त मंत्रालय 20000 करोड़ रुपये का कैश पेआउट करने के पक्ष में है. अभी इस मामले पर कोई भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. आपको बता दें तीन बड़े सरकारी फ्यूल रिटेलर्स, संयुक्त रूप से देश की जरूरत का 90 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोलियम फ्यूल सप्लाई करते हैं। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत पिछले 7 महीने के निचले स्तर पर चल रही हैं. डब्ल्यूटीआई क्रूड गिरकर 87.58 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 93.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. क्रूड की कीमत कम होने से भी तेल कंपनियों को हो रहे घाटे में कमी आई है। सरकार अब हर हाल में कीमतें कम करने की दिशा में काम कर रही है। हाल ही में कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए है।