Thar पोस्ट, न्यूज नई दिल्ली। भारत मे एक बार फिर से चीते लाने की तैयारी जोरों पर है। दक्षिण अफ्रीका अपने चीतों को भारत और मोजाम्बिक भेज रहा है। इन चित्तीदार बिल्लियों को भारत में 1952 में ही विलुप्त घोषित कर दिया गया था, तब से ही भारत प्रयास कर रहा था कि कैसे भी देश में चीतों को लाया जाए। साउथ अफ्रिका यह सब कुछ अपने चीतों को बचाने के लिए कर रहा है, क्योंकि उसके यहां अब जंगल कम होते जा रहे हैं और इन जानवरों को जो हवा की तरह दौड़ते हैं पिंजड़े में कैद करना ठीक नहीं है। साउथ अफ्रिका इन जानवरों को उन देशों में भेज रहा है जहां पर्याप्त जंगल है और वहां इनकी तादाद भी कम है। दक्षिण अफ्रीका के अभयारण्यों में पकड़े गए चार चीतों को विमान के जरिए इस हफ्ते मोजाम्बिक भी भेजा गया। इसी तरह भारत भेजा जा रहा है। इससे पहले उन्हें करीब एक महीने तक पिंजड़े में रखा जाएगा। इ भारत मे अगले माह अक्टूबर में चीते आएंगे। भारत में आजादी तक इस शिकारी जानवर की अच्छी संख्या थी। बाद में इन चीतों का ही शिकार होता गया। इसके बाद भारत मे 1952 में इन्हें विलुप्त घोषित किया गया। मध्य प्रदेश में हरिणों का शिकार करने के लिए भी चीते पाले जाते थे।