Thar पोस्ट, न्यूज बीकानेर।सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ और केंद्रीय जांच एजेंसी के दुरुपयोग के विरोध में आज बीकानेर कांग्रेस सेवा दल ने राजस्थान कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला एवं जिला अध्यक्ष अनिल व्यास के नेतृत्व में कोटगेट से गांधी पार्क तक मशाल जुलूस निकाला और नारेबाजी कर केंद्र सरकार का विरोध किया। इस अवसर पर कमल कल्ला ने कहा कि मोदी और शाह मिलकर देश में तानाशाही कर रहे हैं और इन लोगों का कानून में कोई भरोसा नहीं रहा है सीआरपीसी के प्रावधानों के विरोध में सोनिया गांधी से पूछताछ की जा रही है और एक ऐसे मामले में पूछताछ की जा रही है जिसका कोई आधार नहीं है और जिसको पूर्व में इसी जांच एजेंसी ने बंद कर दिया था कल्ला ने कहा कि केंद्र की सरकार देश के सबसे प्रतिष्ठित और बलिदानी परिवार के प्रति दुराग्रह रखकर स्वर्गीय राजीव गांधी की पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुत्रवधू के साथ अवैधानिक तरीके से पूछताछ कर रही है। कमल कल्ला ने कहा कि पूर्व में राहुल गांधी से भी 5 दिनों तक पूछताछ की गई थी और अब सोनिया गांधी से हो रही पूछताछ का कांग्रेस सेवादल घोर विरोध करता है और मांग करता है कि भारत के जन जन से जुड़े परिवार की सम्माननीय महिला के साथ केंद्र सरकार तरीके से पेश आएं और अगर कोई पूछताछ करनी है तो घर जाकर पूछताछ करें जैसा कि सीआरपीसी में प्रावधान किया गया है और ED ने ऐसा कई बार किया भी है । ED भाजपा का इलेक्शन डिपार्टमेंट बन कर रह गया है, संवैधानिक संस्थाओं की साख बचाने के लिए आम जन को जागरूक रहने का आवाह्न किया। इस अवसर पर अनिल व्यास ने कहा कि आने वाले समय में अगर सोनिया गांधी से और पूछताछ की गई तो कांग्रेस सेवादल धरने प्रदर्शन और तेज करेगा और जरूरत पड़ी तो पूर्व की भांति दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पर जाकर केंद्रीय नेताओं के दिशा निर्देशानुसार भी कार्रवाई करेगा। इस अवसर पर सेवादल के कार्यकर्ताओं ने जनता को जाग्रत करने का प्रतीकात्मक स्वरूप जलती हुई मशाल अपने हाथों में ले रखी थी । इस कार्यक्रम से सेवा दल ने संदेश दिया है कि देश केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जाग चुका है और क्रांति का आगाज कर चुका है। सेवादल के कार्यकर्ताओं ने अपने नारों के माध्यम से संदेश दिया कि केंद्र की सरकार और लोकतांत्रिक तरीके से देश में शासन कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी मिलकर देश के तमाम विरोधी पक्ष के नेताओं को केंद्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से दबाने का प्रयास कर रही है। मोदी और शाह का रवैया विपक्ष मुक्त भारत का है जो कि एक अलोकतांत्रिक सोच है जिसे इस देश की जनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। इस अवसर पर आगमी कार्रवाई करेगा। इस अवसर पर सेवादल के कार्यकर्ताओं ने जनता को जाग्रत करने का प्रतीकात्मक स्वरूप मशाल हाथ में ले रखी थी। इस अवसर पर साजिद सुलेमानी, विरेंद्र किराडू, राम निवास गोदारा,मनोज नायक, जाकिर नागौरी, पंडित गायत्री प्रसाद, विजय कुमार व्यास, रेलवे इंटक नेता विजय सिंह, सुमित कोचर, हंसराज विश्नोई, अता हुसैन कादरी, भंवरसिंह शेखावत,शिव प्रजापत, कमल आचार्य, युवा नेता पंकज रिंटोड,आदित्य शर्मा, शुभम शर्मा, रत्ना महाराज, पिंटू मूंधड़ा, मदन बोहरा, देवेश दुजारी, किशन कल्ला सहित बड़ी संख्या में सेवादल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ शहर जिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पुतला दहन कल 22 जुलाई 2022 को

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ दिनांक 22 जुलाई 2022 को सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन एवम पुतला दहन का कार्यक्रम रखा है

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ राजनेतिक द्वेषता पूर्ण कार्यवाही करते हुए जो जबरन ईडी जांच की जा रही है उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम कोटगेट पर रखा गया है

प्रवक्ता नितिन वत्सस ने बताया कि जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत के नेतृत्व में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ नेतागण, लोकसभा,विधानसभा चुनाव प्रत्यासी,कांग्रेसी पार्षद गण, पार्षद प्रत्याशी, प्रदेश कांग्रेस,जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस,सेवादल,महिला कांग्रेस एनएसयूआई,यूथ कांग्रेस, अग्रीम संगठन प्रकोष्ठ विभाग, बूथअध्यक्ष मय कार्यकारिणी
और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े संगठनों के वर्तमान और निवर्तमान पदाधिकारी शामिल होंगे

विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम
दिनांक- 22 जुलाई 2022
समय

आत्मा की सलाह सच्ची होती है- आचार्य श्री विजयराज जी महाराज साहब
बीकानेर। आत्मा की माने वो ज्ञानी और जो आत्मा की ना माने वो अज्ञानी है। हम ज्ञानी हैं कि अज्ञानी हैं, यह निर्णय हमें सत्संग में बैठकर करना है। यह उद्गार श्री शान्त-क्रान्ति जैन श्रावक संघ के 1008आचार्य श्री विजयराज जी महाराज साहब ने अपने नित्य प्रवचन में व्यक्त किए। सेठ धनराज ढढ्ढा की कोटड़ी में आचार्य श्री के 50 वें स्वर्णिम दीक्षा वर्ष पर चल रहे चातुर्मास के प्रवचन सभा में महाराज साहब ने कहा कि आत्मा हमें यह कभी नहीं कहती कि तू पाप कर, अधर्म कर, खोटे काम कर, लेकिन हम यह सब आत्मा के ऊपर से करते हैं। वह हमें ऐसे कर्म करने के बाद कचौटती है। लेकिन हम सुने का अनसुना करते हैं। हम मोह, माया राग में लगे रहते हैं। इसलिए हम आत्मा का कहा भी नहीं सुनते है। और फिर यह भी चाहते हैं कि हमें सुख मिले, साता मिले, यह कैसे संभव हो सकता है।
महाराज साहब ने जन जन के लिए प्रिय मधुर वाणी में भजन ‘कदम-कदम पर संभल-संभल कर , चलना रे चेतनीया, ऊंची-नीची, ऊबड़ – खाबड़ जीवन की डगरिया ’सुनाते हुए कहा कि हमारे जीवन की डगर सीधी-सपाट नहीं है, इसमेंं बहुत अवरोध है। लेकिन इन अवरोधों से बचना है तो पहले आत्मा की मानो, फिर महात्मा की मानो और जब महात्मा की मानने लगोगे तो परमात्मा की भी मानने लग जाओगे। और जो आत्मा की नहीं मानता वह ना महात्मा की मानता है और ना ही परमात्मा की मानता है।
आचार्य श्री ने पाप के तीन कारण बताए हैं। पहला कारण अज्ञान है, दूसरा कारण मोह और तीसरा आसक्ति है। व्यक्ति इन तीन कारणों से पाप करता है, करवाता है और पाप कर्म करने वालों को अच्छा मानता है। हम आत्मा की सुनी अनसुनी करते हैं। जैसे आजकल के बच्चे मां-बाप या घर में बड़े सदस्यों की अनसुनी करता है। लेकिन जब ठोकर लगती है तो पछतावा करते हैं कि हमसे गलती हुई है। हमने मां बाप का कहना नहीं माना, महाराज साहब ने कहा ऐसे बच्चे क्यों करते हैं …?, क्योंकि उनमें अहंकार भरा होत है। अपनी नई-नई समझ का, शिक्षा का, यह झूठा अहंकार होता है जो उन्हें हर कार्य में अच्छे और बुरे का भेद नहीं होने देता है। ठीक वैसे ही हम भी आत्मा की सुनी अनसुनी कर देते हैं।
महाराज साहब ने कहा कि यह ध्यान रखना चाहिए कि पहले तो हम गलती करें ही नहीं, लेकिन अगर हो गई है तो उसकी पुनरावृति नहीं होनी चाहिए। आदमी एक बार ठोकर खाता है तो वह अनभिज्ञता होती है। लेकिन बार-बार ठोकर खाना नादानी कहलाती है। आदमी को अपने किए का अपराध बोध होना चाहिए। जिसे अपराध बोध नहीं है, वह अपराधों की जिदंगी जीता है। व्यक्ति को अपराध बोध होना चाहिए कि जो मैंने किया वह अब नहीं करुंगा, इसमें आदमी के अंदर उस कृत्य के प्रति घृणा के भाव पैदा होने शुरू हो जाते हैं और वह अपराध से मुक्त होने लग जाता है। महाराज साहब ने कहा कि आत्मा किसी की भी हो, वह आपका सुख चाहेगी, कल्याण चाहेगी, उत्थान चाहेगी लेकिन वह आपका बुरा कभी नहीं चाहती है। महाराज साहब ने भजन की चार पंक्तियां ‘मोह त्याग की कठिन तपस्या, अब सुलझाले यह समस्या, परम ज्योति में मिल जासी, मोह त्याग दे सुख पासी’ के माध्यम से बताया कि राग मोह को रखने वाला कैसे सुखी रह सकता है। आत्मा का पोषण करो, मोह त्याग करने पर यह संभव है।
महाराज साहब ने प्रवचन में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं से कहा कि आप तेला, बेला, पंचौला करते हैं। यह शरीर का शोषण करते हैं लेकिन अगर आपने आत्मा का पोषण नहीं किया तो फिर क्या किया। इसलिए त्याग का राग करो, अगर यह नहीं किया तो यह जीवन नहीं कितने-कितने जीवन यूं ही चार गतियों और चौरासी लाख यौनियों में भटकता रहता है। उसे मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती, जीव का कल्याण नहीं होता है। महाराज साहब ने कहा कि ‘अंत मति सो गति’ जीव का जब अंत समय आता है तब जो भाव उसके मन में होते हैं, उस भाव से ही उसकी आगे की गति होती है। जब तक उसका आगे के लिए आयुबंध नहीं होता है, उसे मुक्ति नहीं मिलती है। एक सन्यासी की कथा के माध्यम से उन्होंने उपस्थितजन को सार रूप में यह समझाया।
श्री शान्त- क्रान्ति जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विजयकुमार लोढ़ा ने बताया कि प्रवचन के बाद नित्य होने वाले अन्य कार्यक्रमों की जानकारी उपस्थितजनों को दी गई। तपस्या करने वालों को आचार्य श्री ने आशीर्वाद दिया। ज्योति सुराणा ने 9 की और प्रकाशचंद राखेचा ने 10 के तपस्या की पारणा किया , वहीं मधु श्रीश्रीमाल एवं अंजू बाँठिया के 9 की तपस्या चल रही है।