Thar पोस्ट, न्यूज। यहाँ विश्व संगीत दिवस पर स्वर्ण सुर संगम के अनेक कलाकारों ने राग रागिनियों में एवं गायन वादन आदि में अपनी संगीत कलापूर्ण सांगीतिक प्रस्तुतियां दीं ।स्वर्ण सुर संगम के प्रेरणा स्रोत श्री ज्ञानेश्वर सोनी ने खाटू वाले श्याम धनी एवं म्हारी काया रो राजा रुसग्यो रचनाएं प्रस्तुत की ।संगम के अध्यक्ष श्री चांद रतन सोनी ने  – गणेश वंदना गाइए गणपति जगवंदन से संगीत सभा की शुरुआत की व अरज सुनो हनुमान मेरी एवं नागाणे री राय भवानी भजन रचनाएं सुनाई।गौरी शंकर सोनी ने सभा है भरी आओ नी आओ हरि , भजन सुना कर आनंदित किया।श्री सुखीराम* ने भक्त एक शिव का चला भजन सुना कर आनंदित किया

स्वर्ण सुर संगम के सचिव श्री मोहन लाल सोनी ने दिल को है तुझसे प्यार क्यूं गजल सुनाई।श्री राजेन्द्र स्वर्णकार ने प्यार भरे तेरे दो शर्मीले नैन गाकर समां बांध दिया। स्वर्ण सुर संगम के सचिव श्री प्रेम स्वर्णकार ने – लोग हर मोड़ पे रुप रुक के संभलते क्यों है एवं माना के मुश्त-ए-खाक बढ़कर नहीं हूं मैं… ग़ज़लें प्रस्तुत कर आनंदित किया। सभी कलाकारों ने स्वयं हारमोनियम बजाते हुए अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी ।ढोलक पर संगत श्री ज्ञानेश्वर सोनी के अतिरिक्त श्री मोहन  लाल सोनी, श्री गौरी शंकर सोनी, एवं श्री सुखीराम ने संगत की ।उक्त अवसर पर श्री ज्ञानेश्वर सोनी चांद रतन सोनी, मोहन लाल सोनी गौरी शंकर सोनी सुखीराम राजेन्द्र स्वर्णकार प्रेम स्वर्णकार सूरज रतन  सोनी जयचंद लाल सोनी राहुल सोनी गौरव सोनी वैभव सोनी विवेक सोनी के अतिरिक्त नन्हे कलाकार शिवांश एवं ऋषभ व अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। सभी ने सरस सुरमयी संगीत संध्या में श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का रसास्वादन किया ।