Thar पोस्ट, न्यूज। दीक्षा लेकर बटुकों ने काशी के लिये लगाई दौड़। बीकानेर के श्रीरामसर रोड स्थित महानंद महादेव मंदिर में आचार्य महानंद वैदिक यज्ञ समिति के तत्वावधान में गुरूवार को 39 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवित संस्कार किया गया। कर्मकांड भास्कर पंडित नथमल पुरोहित के सान्निध्य में हुए कार्यक्रम में बटुकों को गुरुमंत्र दीक्षा दी गई। कार्यक्रम में वैदिक पद्धति के अनुसार हवन किया गया। गायत्री मंत्र एवं इसके महत्व को बताया गया। इसमें बटुकों ने आहुतियां दी। बाद में काशी प्रस्थान की परंपरा निभाने के तहत इन सभी बटुकों ने मंदिर परिसर से दौड़ लगाई।परंपरा के अनुसार इस बार भी यज्ञोपवित के उपरांत मायरा, देरावड़ी एवं किसी भी प्रकार का प्रीतिभोज नहीं लिया गया। जिन्हें उनके परिवारजनों व ननिहाल पक्ष के लोगों ने पकड़कर मनाया और नये वस्त्र धारण करवाया गया। पंडित महेश पुरोहित ने बताया कि समिति की ओर से वैदिक परम्पराओं के संरक्षण, संवर्धन के लिए युवाओं को इससे रूबरू कराने के उद्देश्य से ही इस तरह के कार्यक्रम शृंखलाबद्ध रूप से कराया जा रहा है।संस्था द्वारा अब तक 500 बटुकों का यज्ञोपवीत किया जा चुका है।

इस अवसर पर बटुकों के परिजन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान पवन जोशी, रविन्द्र आचार्य, किशन पुरोहित, दीनदयाल आचार्य, भानू आचार्य, रोहित आचार्य, दाऊलाल कल्ला, मनोज आचार्य, अनिरूद्ध आचार्य समिति के पदाधिकारियों ने भागीदारी निभाई।

24 कुंडीय गायत्री यज्ञ में जन कल्याणार्थ दी आहुतियां

Thar पोस्ट, बीकानेर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की जिला शाखा गायत्री शक्तिपीठ एवं कल्याणी प्रज्ञा मंडल पवनपुरी के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव का आयोजन बल्लभ गार्डन स्थित आशीर्वाद गार्डन भवन में आयोजित किया जा रहा है।
जिला समन्वयक करनीदान चौधरी ने बताया कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सूक्ष्म संरक्षण में देव स्थापना एवं मां गायत्री, नवग्रह तथा षोडश मातृका पूजन के साथ 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ का शुभारंभ किया गया। शोभा सारस्वत द्वारा शंखनाद किया गया।
प्रत्येक कुंड पर विराजमान 24 मुख्य याजकों द्वारा संकल्पबद्ध होकर वैश्विक शान्ति, जनकल्याणार्थ, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय प्रगति के निमित्त गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, रुद्र गायत्री, प्रखर प्रज्ञा तथा सजल श्रद्धा की विशेष आहुतियां दी गई। इस अवसर पर निशुल्क संस्कार दीक्षा संस्कार, अन्नप्राशन, विद्यारम्भ, जन्मदिवस संस्कार करवाये गये। जन-जन तक सद्विचार पहुंचाने के लिए 51 पुरुषों तथा 51 महिलाओं ने संस्कृति पुरोधा का संकल्प लिया।
24 कन्याओं द्वारा गायत्री चालीसा, महाआरती का संगीतमय सस्वर पाठ किया गया।
सायंकाल सत्र में प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। केन्द्रीय प्रतिनिधि कथावाचक गोपाल स्वामी ने कहा कि प्रज्ञा पुराण कथा व्यक्ति निर्माण, जीवन प्रबंधन एवं परिवार प्रबंधन का सहज पथ बताती है। उन्होंने आगे कहा कि सत्संग बुद्धि को प्रेरणा देता है। इसलिए सदैव सज्जनों का संगठन करना चाहिए।
इससे पूर्व शांतिकुंज हरिद्वार की केन्द्रीय टोली यज्ञाचार्य गोपाल स्वामी, बीरम सिंह तथा फलेन्द्र कुमार का जवाहरलाल गंगल, पवन कुमार ओझा, भारतभूषण गुप्ता, इंजीनियर अमरसिंह वर्मा, ललिता शर्मा तथा प्रमिला गंगल द्वारा स्वागत किया गया।

शुक्रवार को होंगे आयोजन
प्रातः 8 बजे से 12 :15 बजे तक गायत्री यज्ञ एवं निशुल्क संस्कार। सायं 6 से 8 बजे तक दीप-यज्ञ, संगीत एवं प्रवचन

इन्होंने ने किया व्यवस्था सहयोग
यज्ञ एवं संस्कार समारोह में गायत्री परिवार युवा शाखा डिवाइन इंडिया यूथ एशोसियेशन दिया के धनंजय सारस्वत, तरुण कुमार राठी, गोविंद राम केवटिया, राजेश साध, योगिता स्वामी, अन्नु कुमावत, अनीशा बिश्नोई ने व्यवस्था में सहयोग किया।

इनका रहा मार्गदर्शन
कार्यक्रम में ट्रस्टी मदनलाल अग्रवाल, देवेन्द्र सारस्वत, विश्वप्रसाद पारीक, सीमा सिंह, सरला चौधरी, शीला अग्रवाल, रामकुमार चौहान, राधेश्याम नामा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।