Thar पोस्ट, न्यूज़ (जितेंद्र व्यास)। बीकानेर नगर निगम इन दिनों राजनीति का मंच बन गया है। कांग्रेस और बीजेपी के आला महारथी अपने तरकशों से तीर निकाल कर एक दूसरे पर चला रहे है। एक दूसरे को नीचा दिखाने में भी कोई गुरेज नहीं कर रहे। जनता से जुड़ी समस्याएं गर्त में है। निगम आयुक्त खुले तौर पर महापौर व पार्षदों को चेतावनी दे रहे है तो महापौर व पार्षद भी अपने मोर्चे पर डटे हुए हैं। अब मामला बीजेपी व कांग्रेस के आला नेताओं की प्रेस्टीज तक जा पहुंचा है। कोई झुकने के लिए तैयार नहीं है। आज ईगो और बौखलाहट का पारा उच्च स्तर तक जा पहुंचा और इसकी बानगी भी देखने को मिली। नगर निगम महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने आज दोपहर गांधी कॉलोनी में प्रेस वार्ता की। महापौर ने पत्रकार वार्ता में तीखे तेवर में कहा कि आज निगम में असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक तरीके से साधारण सभा बुलाई गई। इस बारे में महापौर से चर्चा तक नहीं हुई। महापौर ने कहा कि भ्रस्टाचार के आरोपों में लिप्त स्वछता निरीक्षक को स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य भार बगैर महापौर की सहमति के दे दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्री व उनका भतीजे के कहे अनुसार आयुक्त काम कर रहे हैं। केवल ढाई साल में निगम में 13 आयुक्त बदले गए हैं। निगम में कामकाज में दखल बर्दाश्त नहीं होगा। महापौर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि सरकार ने निलंबन कर दिया फिर भी वह जनता के लिए संघर्ष करेंगी।