Thar पोस्ट, बीकानेर। अब समाज में लोग धैर्य खो रहे है। छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करना, धैर्य खोना आदि समस्याएं देखी जा रही है। बीकानेर में सुसाइड के मामले तेज़ी से बढ़ रहे है। दिवंगत पुलिस निरीक्षक विष्णुदत बिश्नोई के 15 वर्षीय बेटे ने मंगलवार शाम को घर में फांसी का फंदा बनाकर झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। अब यही सवाल है कि आखिर बिश्नोई के परिवार में ऐसा दूसरी बार क्यों हुआ?
जेएनवीसी सीआइ अरविन्द भारद्वाज के अनुसार खतुरिया कॉलोनी में स्व. विष्णुदत बिश्नोई की पत्नी अपने बेटे लक्ष्य उर्फ लक्की व बेटी के साथ रह रही थी। मंगलवार शाम को वह पूजा-पाठ कर रही थी। लक्की ऑनलाइन कलांश लगने के कारण वह पढ़ाई कर रहा था। करीब सात बजे वह नहाने का कहकर ऊपर वाले कमरे में गया। कमरे में लेट-बाथ अटैच है। करीब आधे घंटे तक लक्की के वापस नहीं आने पर मां ने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस पर वह ऊपर गई तो उसकी आखें फटी रह गई। लक्की चुन्नी का फंदा बनाकर लटक रहा था।पड़ोसियों को बुलाया, पीबीएम ले गए।बेटे को फांसी के फंदे पर लटका देखकर मां व बहिन बेसुध हो गई। बहिन दौड़कर पड़ोसियों को बुलाकर लाई। बाद में फंदा काट कर उसे पीबीएम अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है।
११वीं में पढ़ता था लक्की
जानकारी के मुताबिक लक्ष्य उर्फ लक्की ११वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। वह हंसमुख व मिलनसार था। परिचितों के मुताबिक लक्ष्य व पूरा परिवार स्व. विष्णुदत बिश्नोई के हादसे से अभी तक उबर नहीं पाए थे।